एच.एम.वी. में मशीन लर्निंग और एआई पर वर्कशाप का आयोजन

जालंधर (अरोड़ा):- हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर के पीजी कंप्यूटर साइंस एंड आईटी विभाग ने डीबीटी स्टार कॉलेज स्कीम के अन्तर्गत मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर एक दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया। प्रिंसिपल प्रो. डॉ. अजय सरीन के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस वर्कशाप का उद्देश्य छात्राओं को अत्याधुनिक तकनीकों की जानकारी प्रदान करना था। वर्कशाप के रिसोर्स पर्सन इटोनॉक्स सॉल्यूशंस के फाउंडर और सीईओ और फिल्मी केव प्रोडक्शंस के फाउंडर श्री करन अरोड़ा थे। एचएमवी की परंपरा के अनुसार रिसोर्स पर्सन का स्वागत ग्रीन प्लांटर से किया गया। प्रिंसिपल डॉ. अजय सरीन ने विभाग के प्रयास की सराहना की तथा कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समय की मांग हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग तकनीक का भविष्य हैं और छात्रों को अपने करियर में आगे रहने के लिए इन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। करन अरोड़ा ने पायथन और सी लैंग्वेज के क्षेत्र में इनके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने प्लेसमेंट की इच्छुक छात्राओं को टिप्स भी दिए। उन्होंने डाटा साइंस के तीन मुख्य कारकों – डाटा क्लीनिंग, डाटा एनालिसिस और डाटा विज़ुअलाइज़ेशन पर भी बात की। ज्यूपिटर नोटबुक का उपयोग करते हुए उन्होंने यह तीनों टॉस्क करके भी दिखाए। अरोड़ा ने मशीन लर्निंग की बेसिक जानकारी दी तथा इसकी विभिन्न तकनीकों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस प्रकार प्रसिद्ध प्लेटफार्म जैसे यूट्यूब तथा नेटफल्किस एल्गोरिद्म का प्रयोग करके दर्शकों को वीडियो देखने की सिफारिश करते हैं। उन्होंने बताया कि किस प्रकार इन प्लेटफार्म पर ट्रैफिक आंका जाता है तथा ऑनलाइन चालान किस प्रकार आटोमैटिक तरीके से भरे जाते हैं। इस वर्कशाप से छात्रओं को थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल जानकारियां भी मिलीं। वर्कशाप कोआर्डिनेटर डॉ. संगीता अरोड़ा व को-कोआर्डिनेटर गुल्लागांग थे। धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्षा डॉ. संगीता अरोड़ा ने प्रस्तुत किया। वर्कशाप में कंप्यूटर साइंस विभाग के फैकल्टी सदस्यों ने भी भाग लिया, जिनमें डॉ. अनिल भसीन, गुरमीत सिंह, संगीता भंडारी, डॉ. रविंदर जिंदल, जगजीत भाटिया, डॉ. उर्वशी मिश्रा, मिस सोनिया और प्रदीप मेहता शामिल थे। यह वर्कशाप सभी छात्राओं के लिए एक समृद्ध अनुभव साबित हुई, जिसमें मशीन लर्निंग और एआई के तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बहुमूल्य ज्ञान और व्यावहारिक कौशल प्रदान किया गया।

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