कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जालंधर में रोजाना 5000 आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जाएः घनश्याम थो | पराली को जलाने की घटनाएं रोकने के लिए कृषि व किसान भलाई विभाग ने कमर कसी | 15 कंपनियों ने रोजगार मेले में भाग लेकर युवाओं का नौकरी के लिए किया चयन | सेंट सोल्जर छात्रों ने तंदरुस्त हार्ट, तंदरुस्त जीवन का सन्देश देते हुए मनाया हृदय दिवस | के.एम.वी. के काउंसलिंग सेैल द्वारा छात्राओं के लिए इंटरएक्टिव सेैशन का आयोजन |

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कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए जालंधर में रोजाना 5000 आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जाएः घनश्याम थो

जालंधरकोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी ने टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग के कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक की अगुवाई करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि हर रोज जालंधर जिले में 5 हजार आरटी-पीसीआर टेस्ट किए जाएं और पॉजिटिव आने वाले व्यक्ति की कांटेक्ट ट्रेसिंग का काम तेज किया जाए। 

उन्होंने जालंधर में कोरोना वायरस से होने वाली मृत्यु दर में पिछले कुछ दिनों में मामूली सी बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिसे कंट्रोल में रखने के लिए टेस्टिंग बढ़ाने और पॉजिटिव मरीज की कांटेक्ट ट्रेसिंग को और मजबूत बनाने की जरूरत है। सही समय पर अगर कांटेक्ट ट्रेसिंग कर ली जाए तो वायरस के आगे फैलने की चेन को रोका जा सकता है। 

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि न सिर्फ पॉजिटिव मरीज के कांटेक्ट ट्रेसिंग महत्वपूर्ण है ब्लकि सभी संपर्क में आए लोगों की एक ही दिन में टेस्टिंग भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जिसके चलते जल्द से जल्द इसे और लोगों में फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को जिले में कोरोना वायरस की सैंपलिंग युद्धस्तर पर तेज करने के निर्देश दिए, साथ ही कहा इस वायरस को काबू करने की जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन इस महामारी पर काबू पाने के लिए पूरी तरह से तैयार है और इस लड़ाई को जीतने में कोई भी कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई को लोगों के सहयोग के बगैर किसी भी कीमत पर नहीं जीता जा सकता क्योंकि लोग सरकार की तरफ से जारी निर्देशों जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना और हाथ धोना इत्यादि का पालन करके इस वायरस को दूसरे लोगों में फैलने से रोक सकते हैं। 

इस मौके पर एडीसी (विकास) विशेष सारंगल, एसडीएम राहुल सिंधू, एसडीएम गौतम जैन, एसडीएम डॉ. संजीव शर्मा, ईओ पुडा नवनीत कौर बल, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम इनायत गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. गुरिंदर कौर चावला, असिस्टेंट सिविल सर्जन डॉ. गुरमीत कौर दुग्गल, डॉ. सतिंदर कौर पवार व अन्य मौजूद थे।

पराली को जलाने की घटनाएं रोकने के लिए कृषि व किसान भलाई विभाग ने कमर कसी

जालंधर:  पराली को आग लगाने से पैदा होने वाली ज़हरीली गैसों से वातावरण को बचाने के लिए कृषि व किसान भलाई विभाग ने कमर कसते हुए विशेष जागरूकता मुहिम की शुरुआत कर दी हैजिस के अंतर्गत गाँवों में रोजाना ऑडियो संदेश प्रसारित किया जायेगा,  जिसके जरिए किसानों को पराली को न जलाने सम्बन्धित जागरूक किया जायेगा। 

इस सम्बन्धित विस्तृत जानकारी देते मुख्य कृषि अधिकारी डा. सुरिन्दर सिंह ने बताया कि ज़िले में धान की पराली को आग लगाने से रोकने के लिए गांवों की पंचायतों और नम्बरदारों को पराली जलाने से उठने वाले धुएं के कारण होने वाले नुकसानों और कोविड-19 के साथ प्रभावित मरीज़ों की स्थिति और ख़राब होने के बारे जागरूक किया जायेगाताकि सभी मिलकर अपने-अपने इलाके के किसानों को पराली नहीं जलाने के बारे जागरूक करें। 

उन्होंने बताया कि विभाग की तरफ से इससे सम्बन्धित 1.5 मिनट का एक ऑडियो संदेश भी तैयार किया गया हैजोकि गाँवों के सरपंचों के मोबाइल नंबरों पर भेजते हुए गांवों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के द्वारा भी प्रसारित किया जायेगा। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए भी इस जागरूकता संदेश का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस सम्बन्धित ज़िला विकास और पंचायत अफ़सर को पत्र भी जारी किया गया हैजिसमें गांवों में जागरूकता प्रोग्राम करवाने के लिए कहा गया हैजिनमें कृषि विशेषज्ञ वेबिनार के जरिए शामिल होंगे। 

उन्होंने आगे बताया कि इसी तरह का एक ओर 1.35 मिनट का ऑडियो संदेश तैयार किया गया हैजोकि ब्लॉक कृषि अफ़सरों के द्वारा समूह स्टाफ के ज़रिये पराली की मुकम्मल संभाल होने तक गांवों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए प्रसारित किया जायेगा। 

उन्होंने कहा कि धान की पराली को आग लगाने कारण पैदा होने वाले धुएं से वातावरण और सेहत को बचाने के लिए विभाग की तरफ से हर संभव कदम उठाया जायेगा। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि पराली को आग लगाने की बजाय सुपर एसएमएस के साथ लैस कम्बाईन का प्रयोग करेंजिससे पराली का खेतों में सहज ढंग से निपटारा किया जा सकता है।    

15 कंपनियों ने रोजगार मेले में भाग लेकर युवाओं का नौकरी के लिए किया चयन

जालंधर: जिला रोजगार ब्यूरो (डीबीईई) में मंगलवार को घर-घर रोजगार मुहिम के तहत रोजगार मेले का आयोजन किया गया, जोकि छठे मैगा जॉब फेयर के तहत चल रहे रोजगार मेलों का हिस्सा था। रोजगार मेले में 630 युवाओं का विभिन्न कंपनियों की तरफ से नौकरियों के लिए चयन किया गया। डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी ने बताया कि इस रोजगार मेले में 15 बेरोजगार युवाओं ने हिस्सा लिया था, जिनका छह विभिन्न कंपनियों की तरफ से चयन किया गया। इन कंपनियों में ए-वन इंटरनेशनल, जोमेटो, गूगल पे, श्रीराम इंडस्ट्रीज, यूरेका फोर्ब्स शामिल हैं।

 

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि इन मेलों के जरिए रोजगार हासिल करने वाले युवा राज्य के आर्थिक-सामाजिक विकास में हिस्सेदार बनेंगे। डिप्टी कमिश्नर ने आगे बताया कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंदर सिंह की अगवाई में पंजाब सरकार की तरफ से आयोजित इस तरह के मेले युवाओं को रोजगार मुहैया करवाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा हैं। उन्होंने बताया कि रोजगार मेलों के दौरान कोरोना वायरस के मद्देनजर सरकार की तरफ से जारी सुरक्षा माणकों का खास ध्यान रखा जा रहा है, जिसके तहत सोशल डिस्टेंसिंग मास्क पहनना और हाथ धोने जैसी सावधानियां बरती जा रही हैं। 

 

इस बीच उन्होंने बताया कि 30 सितंबर को जिला रोजगार ब्यूरो (डीबीईई) जालंधर में भी कैंप लगाया जाएगा, जिसमें युवाओं के चयन के लिए कई इंडस्ट्रीज व औद्योगिक संस्थाएं शामिल होंगी।  इनमें पुखराज हेल्थकेयर, लाइफ इंश्योरेंस कंपनी, एयरटेल, श्रीराम इंडस्ट्रीज, यूरेका फोर्ब्स इत्यादि शामिल हैं।

 

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि सितंबर महीने में लगातार इस तरह के रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक घर-घर रोजगार मिशन का लाभ पहुंचाया जा सके। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वह डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू.पीजीआरकेएएम.कॉम पर भी खुद का पंजीकरण करवाएं और इसके अलावा वह किसी भी जानकारी के लिए 90569-20100 पर संपर्क कर सकते हैं।

प्रशासन ने जिले के ग्रामीण इलाकों में 1.77 लाख घरों को पेयजल व्यवस्था के साथ जोड़ाः डिप्टी कमिश्नर

जालंधर: डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने सोमवार को जल स्पलाई और सैनीटेशन विभाग के आधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अक्तूबर के आखिर तक ग्रामीण इलाकों में सभी 2.32 लाख घरों में पेयजल कनेक्शन (टेप वाटर कनैक्शन) की उपलब्धता को यकीनी बनाया जाये।

डीसी ने जल जीवन मिशन (जेजेऐम) के तहत ज़िला प्रशासीकय कंपलैक्स में आधिकारियों के साथ मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए कहा कि ज़िला प्रशासन पहले ही जालंधर में 1.77 लाख घरों को घरेलू पेयजल कनेक्शन उपलब्ध करवा चुका हैं।

उन्होनें कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व में पंजाब सरकार मार्च 2022 तक 100 प्रतिशत ग्रामीण घरों तक पेयजल आपूर्ति देने के लिए वचनबद्ध है।  

घनश्याम थोरी ने कार्यकारी इंजीनियरों, जूनियर इंजीनियरों और जल स्पलाई और सैनीटेशन विभाग के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वह अगले महीने बाकी रहते ग्रामीण घरों को कवर करने में कोई कमी न छोड़ेंजिससे सभी घरों में उपयुक्त मात्रा में पेयजल स्पलाई को यकीनी बनाया जा सके। उन्होनें आगे कहा कि संबंधित पंचायतों के साथ मीटिंग करके ग्रामीण आबादी खासकर कमजोर वर्ग तक इस स्कीम का लाभ सुनिश्चित किया जाए।

उन्होनें कहा कि जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों में पीने वाले पानी की स्पलाई को यकीनी बनाने के लिए स्थानीय पंचायतों को योजनाबंदी, लागू करनेप्रबंधनसंचालन और रख-रखाव के कार्यों में शामिल किया जा रहा है।

उन्होनें आगे कहा कि भू-जल को रिचार्ज करने, बारिश के पानी को संभालने व घरों के व्यर्थ पानी को कृषि के लिए इस्तेमाल करने की दिशा में भी लगातार काम किया जा रहा है। इस मौके पर एडीसी विशेष सारंगल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर विजय कुमार, सुखदीप सिंह व अन्य मौजूद थे।

वर्चुअल रोजगार मेले के माध्यम से 220 उम्मीदवारों को रोजगार दिया

-29 सितंबर को डिपार्टमेंट लेवल दूसरा जॉब फेयर

मोगा : पंजाब सरकार डोर-टू-डोर रोजगार मिशन के तहत बेरोजगार उम्मीदवारों को रोजगार प्रदान करने के लिए सभी प्रयास कर रही है। अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा करने के उद्देश्य से जॉब फेयर का आयोजन किया जा रहा है और ये जॉब फेयर बेरोजगारों के लिए एक वरदान साबित हो रहा है।

आयुष मंत्रालय ने कार्य स्थल पर ‘योग हेतु अवकाश’ की फिर शुरुआत की

आयुष मंत्रालय के योग ब्रेक प्रोटोकॉल से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आज से पुणे योग ब्रेक की शुरुआत हो रही है, जिसे कोविड-19 महामारी के करण अस्थाई तौर पर स्थगित कर दिया गया था। 5 मिनट के ईस प्रोटोकॉल का उद्देश्य कार्य स्थलों पर लोगों का योग से परिचय करवाना है और काम के बोझ से ब्रेक दिला कर फिर से तरोताजा बनाना है।

योग, प्राचीन भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा रहा है जो लोगों के बेहतर स्वास्थ्य के साथ-साथ तन-मन भावनात्मक और आध्यात्मिक विचारों के बीच संतुलन बनाता है। बदलती कार्यशैली और लगातार कंप्यूटर पर काम करने या एक ही स्थान पर बैठे रहने के कारण अधिकांश स्थानों पर काम करने वाले लोग काम का बोझ अनुभव करते हैं, तनाव अनुभव करते हैं जिसके परिणाम स्वरूप न सिर्फ उनके काम करने की क्षमता प्रभावित होती है बल्कि उत्पादकता कम हो जाती है।

आयुष मंत्रालय ने एमडीएनआईवाई के साथ मिलकर वर्ष 2019 में 5 मिनट का ‘योग ब्रेक प्रोटोकॉल’ विकसित किया था जिसका उद्देश्य था कार्य स्थलों पर लोगों के मन मस्तिष्क को तरोताजा करना और काम पर फिर से ध्यान केंद्रित करने योग्य बनाना। 5 मिनट के इस प्रोटोकॉल को जाने-माने योग विशेषज्ञों ने तैयार किया है जिसमें कुछ योग अभ्यास शामिल हैं,जैसे तड़ासन, कटिचक्रासन इत्यादि तथा नाड़ी शोधन, भ्रामरी, प्राणायाम और ध्यान। प्रोटोकॉल की शुरुआत परीक्षण आधार पर जनवरी 2020 में की गई थी और इसमें भाग लेने वाले प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया के आधार पर पाया गया कि यह प्रभावी है।

आयुष मंत्रालय ने योग ब्रेक प्रोटोकॉल का अभ्यास फिर से शुरू किया है और आज आयुष भवन तथा एमडीएनआईवाई परिसर में इसका प्रदर्शन किया गया।वर्तमान में स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति को देखते हुए सांस लेने के योग अभ्यास यानी प्राणायाम की क्रिया पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित किया गया है क्योंकि प्राणायाम की मदद से फेफड़ों की कार्य क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। आयुष भवन में योग ब्रेक संबंधी यह प्रदर्शन और प्रशिक्षण 10 दिनों तक जारी रहेगा जिसमें आयुष भवन के आसपास के कार्यालयों में काम करने वाले भाग ले सकते हैं। इस दौरान कोविड-19 के संदर्भ में सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा रहा है, जिसमें सामाजिक दूरी भी शामिल है। आयुष मंत्रालय आने वाले हफ्तों में जीपीओ कॉम्प्लेक्स आईएनए,नई दिल्ली क्षेत्र के कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों को यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराने जा रहा है।

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निगम टीमों ने लोगों को मास्क पहनने और जल्दी कोविड टैस्ट करवाने के प्रति किया जागरूक

जीवनजोत सवेरा न्यूज़,जालंधर - कोविड-19 सेफ्टी प्रोटोकाल और सही समय पर जांच करवाने के प्रति लोगों को जागरूक करने की मुहिम के तहत नगर निगम की विभिन्न टीमों ने लोक सांझेदरी प्रोग्रम के तहत शहर के 51 वार्डों में जागरूकता मुहिम चलाई और लोगों को कोरोना वायरस से कीमती जानों को बचाने में जल्दी टैस्ट और इलाज के महत्व बारे बताया। जागरूकता टीमों ने लोगों को कोरोना वायरस के लक्ष्णों प्रति सचेत रहने के लिए कहा। लोगों को बताया कि अगर किसी को बुख़ार या ज़ुकाम जैसी बीमारी के लक्षण हैं या कोविड-19 पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आया है तो उसे तुरंत डाक्टर के साथ संपर्क करना चाहिए और कोविड-19 टैस्ट करवाना चाहिए। टीमों ने बुज़ुर्गों व अन्य गंभीर बीमारी से पीडित व्यक्तियों की तरफ विशेश ध्यान देने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

उन्होंने कहा कि लोगों को मास्क पहनने चाहिएं, हाथों को बार-बार धोना चाहिए और घरों से बाहर निकलने की सूरत में आपस में 2 गज़ की दूरी बनाकर रखनी चाहिए। डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने कहा कि प्राथमिक रोकथाम को यकीनी बनाने व कोविड-19 के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए लोगों की भागीदारी समय की ज़रूरत है। उन्होंने इस महामारी के ख़ात्मे के लिए लोक सांझेदारी प्रोगराम को सफल बनाने में लोगों के पूर्ण सहयोग की मांग की।  इस दौरान निगम के ज्वाइंट कमिशनर हरचरण सिंह ने बताया कि मुहिम दौरान विभिन्न सुरक्षा माणकों का उल्लंघन नजर आने पर टीमों ने 182 चालान किये और 91000 रुपए जुर्माना वसूला है। उन्होंने बताया कि इन टीमों की से तरफ से लोगों से बैठकों के दौरान 1000 जागरूकता पोस्टर भी बांटे गए हैं। उन्होंने कहा कि निगम पार्षद, नौजवान व धार्मिक नेताओं पर अधारित टीमें अलग-अलग इलाकों का दौरा कर रही हैं और लोगों को इस गंभीर बीमारी के रोकथाम के लिए प्रयुक्त सावधानियों का पालन करने के लिए जागरूक कर रही हैं। यह टीमें लोक सांझेदारी मुहिम के तहत लगातार फील्ड में कार्य कर रही हैं।

जिला प्रशासन के प्रयासों को मिला लोगों का सहयोग 1022 ने स्वैच्छा से कोविड-19 टैस्ट करवाया

कोई भी सिर्फ़ व्यक्ति सिर्फ 250 रुपए में 16 सूचीबद्ध अस्पतालों से आर.ए.टी. तकनीक के द्वारा करवा सकता है टैस्ट

जीवनजोत सवेरा न्यूज़, जालंधर - ज़िला प्रशासन द्वारा कोविड-19 टैस्टिंग को आगे आने के लिए लोगोंको जागरूक करने के लिए चलाई गई मुहिम को लोगों से बढ़िया सहयोग मिल रहा है, जिसके तहत कुछ ही दिनों में 1022 लोगों ने 16 सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर सिर्फ़ 250 रुपए में स्वैच्छा के साथ रैपिड एंटीजन टैस्ट करवाए हैं। ज़िला प्रशासन की तरफ से सक्रियता के साथ लोगों को बुख़ार, खांसी या ज़ुकाम जैसी बीमारी की स्थिति में तुरंत जांच करवाने के लिए समझाया जा रहा है । प्राईवेट अस्पतालों, लैब्स या डायगनौस्टिक सेंटरों में सिर्फ़ 250 रुपए में रैपिड एंटीजन टैस्ट करवाने की सुविधा कुछ समय पहले ही शुरू की गई है।

इस बारे में जानकारी देते हुए डिप्टी कमिशनर घनश्याम थोरी ने कहा कि जल्दी टैस्टिंग संभावित कोविड-19 मामलों का पता लगाने और उनका जल्दी से जल्दी इलाज करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने प्राईवेट अस्पतालों, लैब्स या डायगनौस्टिक सैंटरों को स्वास्थ्य विभाग से मुफ़्त ऐंटीजन टैस्टिंग किटें मुहैया करवाई थी, जिसके बाद यहां सिर्फ 250 रुपए में टेस्ट सुविधा शुरू हुई। घनश्याम थोरी ने कहा कि ज़िला प्रशासन की तरफ से जालंधर में 11 निजी अस्पतालों, दो डायगनौस्टिक सैंटरों और तीन लैबों को 2625 रैपिड एंटीजन किटें दी गई, जिनमें से 1022 किटें उनकी तरफ से पहले ही इस्तेमाल की जा चुकी है और प्रशासन को शुरूआती पड़ाव पर इन टेस्टों के जरिए 138 पॉजिटिव मामलों का पता लगाने में सहायता मिली है।


उन्होनें कहा कि अब सभी 138 पाजिटिव केस या तो एकांतवास में हैं या अस्पतालों में हैं और मैडीकल टीमें नियमित तौर पर सभी का ध्यान रख रही है और साथ ही उनके संपर्क में आने वालों के भी कोविड टैस्ट किये जा रहे हैं। उन्होनें कहा कि टैस्ट करवाने वालों की संख्या से पता लगता है कि लोगों में अब कोविड के साथ जुड़ा डर कम हो रहा है और वह कोविड टैस्ट के लिए आगे आ रहे हैं। प्रशासन की तरफ से पंजाब इंस्टीट्यूट आफ मैडीकल साइंसेज को 1000 किट, जालंधर छावनी में स्टेशन हैल्थ आरगेनाईज़ेशन को 500, टैगोर अस्पताल को 350, मिलटरी अस्पताल और प्राइम डायगनोस्टिक को 100 किट, जौहल अस्पताल, अकूरा डायगनौस्टिकस, अल्फा क्लिनीकल लैब, मेट्रो अस्पताल, अरमान अस्पताल, अशोयर पैथ लैब को क्रमवार 75 किटें प्रदान की गई हैं और डा. रूबी पथ लैब, न्यू रूबी अस्पताल, जोशी अस्पताल और रणजीत अस्पताल को 25 किटें दी गई है।

डिप्टी कमिशनर ने बताया कि यह किटें स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन सूचीबद्ध संस्थायों को मुफ़्त उपलब्ध करवाई गई है, क्योंकि इन संस्थानों ने ख़ुद लोगों के टैस्ट करने की अपनी इच्छा जाहिर की थी । उन्होनें कहा कि यह निजी अस्पताल / लैब अधिक से अधिक एक मरीज़ से टैस्ट के 250 रुपए ले सकते है। महामारी ख़िलाफ़ जंग में नागरिकों से सहयोग की मांग करते हुए उनको बुख़ार, खाँसी और ज़ुकाम जैसे लक्षणों की स्थिति में कोविड का टैस्ट करवाने की अपील की, जिससे अन्य गंभीर बीमारियों से पीडित कोविड प्रभावित मरीज़ों का जल्दी से जल्दी इलाज शुरू करवाया जा सके, जिससे मौत दर को कम करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा कि कोई भी योग्य डॉक्टर या आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर इन निशुल्क किट्स के लिए सिविल सर्जन कार्यालय में आवेदन दाखिल कर सकता है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की है कि अगर कोई भी संस्थान इस रेपिड एंटीजन टेस्ट के लिए 250 रुपए से ज्यादा की फीस वसूलता है तो उसकी शिकायत कंट्रोल रूम नंबर 0181-2224417 पर संपर्क कर सकता है।

बगैर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कोई भी कंबाईन दिखी तो तुरंत जब्त की जाएगीः डिप्टी कमिश्नर

जीवनजोत सवेरा न्यूज़, जालंधर - पर्यावरण को पराली जलने के कारण पैदा होने वाली जहरीली गैसों से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है, जिसके तहत बगैर सुपर एसएमएस के खेतों में कंबाईन के इस्तेमाल पर पूर्ण तौर पर पाबंदी लगाई गई है। अगर कोई भी कंबाईन बगैर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के चलते हुई दिखी तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। ये जानकारी जालंधर के डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी ने दी। उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई के लिए स्पेशल टीमों का गठन किया गया है जोकि फील्ड में जाकर चेकिंग करेंगी और बगैर सुपर एसएमएस के चल रही कंबाईनों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। कोरोना वायरस महामारी के दरमियान पराली को आग लगाने की घटनाओं पर नकेल लगाना समय की मांग है क्योंकि यह घटनाएं वातावरण को दूषित करके पहले से ही बीमार लोगों की तबीयत और खराब कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बगैर सुपर एसएमएस के चलने वाली हरेक कंबाईन जब्त होगी और संबंधित कंबाईन ऑपरेटर के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा, साथ ही उसे भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

थोरी ने बताया कि ज्यादातर कटाई मैनुअल तरीके से कंबाईनों का इस्तेमाल करके की जाती है लेकिन कंबाईन के पीछे सुपर एसएमएस लगाने से यह धान की पराली को इतने छोटे-छोटे टुकड़ों में काटता है कि इसे जलाने की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बाद दूसरी मशीनों का इस्तेमाल करके गेहूं की बिजाई डायरेक्टर की जा सकती है, जिस दौरान मौजूदा पराली के छोटे-छोटे टुकड़ों को खेतों में ही जोत दिया जाता है।
डिप्टी कमिश्नर ने किसानों व कंबाईन संचालकों से आगे आकर सरकार द्वारा उपलब्ध सुपर एसएमएस स्कीम पर 50 फीसदी सब्सिडी का फायदा उठाने की अपील की ताकि इस सिस्टम का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा सके।

विस्तार से जानकारी देते हुए मुख्य खेतीबाड़ी अधिकारी डॉ. सुरिंदर सिंह ने बताया कि इस मशीन की कीमत 1.15 लाख रुपए है, जिस पर सरकार की तरफ से 50 फीसदी की सब्सिडी दी जा रही है, जोकि किसानों को इस मशीन को खरीदने के लिए एक बड़ी आर्थिक मदद है। उन्होंने बताया कि इस वक्त जिले में 4.25 लाख हैक्टेयर भूमि धान की फसल के अधीन है, जिस पर 12.75 लाख टन पराली पैदा होती है। इसलिए सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत पर बल देते हे उन्होंने कहा कि पराली प्रबंधन को लेकर मौजूदा दौर में यह बेहतरीन तकनीक है, जोकि खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगा सकती है।

अलायंस क्लब जालंधर समर्पण ने बस्ती गुंजा श्मशान घाट में लकड़ियां डोनेशन की

जालंधर/अरोड़ा - अलांयस क्लब जालन्धर समर्पण के चार्टर प्रधान ऐली एन के महेंद्रू व संस्थापक ऐली जी डी कुंद्रा की अगुवाई में श्मशान घाट बस्ती गुजा में लकड़ियां डोनेशन की। जी डी कुन्द्रा ने इस में योगदान किया । उन्होंने बताया कि हमारे क्लब ने यह लकड़ियां उन लोगों के लिए दी हैं जो खरीद नहीं सकते और जो कोई जरूरत मंद होगा उस को निशुल्क दी जांएगी । इस मौके पर एली बलजीत सिंह भगताना, दीपक रत्न व अन्य सदस्य मौजूद थे।

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