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एचएमवी ने जीएनडीयू इंटर कॉलेज ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी 2024-25 जीती

जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय ने एक बार फिर जीएनडीयू इंटर कॉलेज ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी 2024-25 पर कब्जा किया है। गौरवान्वित महसूस करते हुए प्राचार्या प्रो. डॉ. अजय सरीन ने बताया कि एचएमवी ने बैडमिंटन, शूटिंग राइफल, शूटिंग पिस्टल, वॉलीबॉल, कबड्डी, फेंसिंग, तीरंदाजी, कराटे, बॉक्सिंग, खो-खो, एथलेटिक्स, कुश्ती, जूडो, हैंडबॉल, वुशू, जिमनास्टिक (एफ), जिमनास्टिक (ए), ट्रैक साइकिलिंग, क्रिकेट में …

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बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन में हिंदी दिवस एवं विद्यार्थी परिषद स्थापना समारोह आयोजित

अमृतसर (प्रदीप) :- बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर ने हिंदी दिवस बड़े उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पद्मश्री डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी, कुलाधिपति, केंद्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश रहे। कार्यक्रम के दौरान, अनुशासन समिति, छात्रा परिषद और एन एस एस स्वयंसेवकों को सम्मानित करते हुए बैज प्रदान किए गए। …

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सेंट सोल्जर कॉलेज (सह-शिक्षा), जालंधर में डिजिटल कौशल पर संगोष्ठी का आयोजन

जालंधर (अजय छाबड़ा) :- सेंट सोल्जर कॉलेज (सह-शिक्षा), जालंधर के कंप्यूटर विज्ञान विभाग ने डिजिटल कौशल पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया। यह संगोष्ठी कॉलेज निदेशक डॉ. वीना दादा के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इस अवसर पर, O7 सॉल्यूशंस/सर्विसेज के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी (सीटीओ) गौरव शर्मा और क्लाउड इंजीनियर सिमरतपाल सिंह, संसाधन व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहे। कॉलेज …

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झींगा से लेकर सॉफ्टवेयर तक – नए व्यापार समझौते से भारत के लिए बड़ा बाजार खुला

दिल्ली/जालंधर (ब्यूरो) :- भारत ने समृद्धि का एक और दरवाजा खोल दिया है। उसने प्रति व्यक्ति 100,000 अमेरिकी डॉलर से अधिक आय वाले यूरोपीय देशों के एक धनी समूह के साथ एक नए व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इससे भारतीय किसानों, मछुआरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए एक आकर्षक बाजार में पहुंचने का रास्ता खुल …

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जीएसटी सुधार और भारतीय पर्यटन का नया सवेरा

दिल्ली/जालंधर (ब्यूरो) :- भारत में पर्यटन का अर्थ हमेशा ही मनोरंजन से कहीं बढ़ कर रहा है — यह सभ्यताओं के बीच संवाद, विरासत का वाहक और समावेशी विकास का उत्प्रेरक है। फिर भी, दशकों से, लद्दाख के मठों से लेकर कन्याकुमारी के समुद्री तटों तक, हमारी अद्वितीय विविधता के बावजूद, इसकी पूरी क्षमता का दोहन करों के अलग-अलग ढांचे …

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