अमृतसर (प्रदीप) :- बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर में साइबर अपराध की बढ़ती चुनौतियों के प्रति छात्राओं को जागरूक करने तथा सुरक्षित एवं उत्तरदायित्वपूर्ण डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग स्नातकोत्तर विभाग द्वारा किया गया। साइबर सेल, अमृतसर से एएसआई सीनियर मेजर सिंह एवं हेड कांस्टेबल मनजिंदर कौर ने स्रोत-व्यक्तियों के रूप में सहभागिता की। उन्होंने पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से सूचनात्मक साइबर अपराध की व्याख्या करते हुए बताया कि कंप्यूटर या नेटवर्क से संबंधित किसी भी अवैध गतिविधि, जैसे अनधिकृत प्रवेश, आँकड़ों की चोरी एवं डिजिटल धोखाधड़ी को साइबर अपराध की श्रेणी में रखा जाता है। सत्र के दौरान स्रोत-व्यक्तियों ने बताया कि साइबर खतरों का स्वरूप सामान्य हैकिंग से विकसित होकर फिशिंग, रैनसमवेयर एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित हमलों जैसे अधिक जटिल रूपों तक पहुँच गया है।

छात्राओं को डीपफेक तथा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से संबंधित सुरक्षा जोखिमों के प्रति भी सचेत किया गया। पहचान की चोरी, वित्तीय धोखाधड़ी एवं सामाजिक माध्यमों से संबंधित साइबर अपराधों के विभिन्न रूपों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। कॉलेज प्राचार्या डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने अपने संबोधन में कंप्यूटर विज्ञान एवं अनुप्रयोग स्नातकोत्तर विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर जागरूकता अत्यंत आवश्यक हो गई है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का दायित्व है कि वे छात्राओं को डिजिटल संसार में स्वयं को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक ज्ञान, जागरूकता एवं आत्मविश्वास प्रदान करें। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को साइबर खतरों की पहचान करने तथा सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने संबंधी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। इस अवसर पर डॉ. अनीता नरिंदर, डॉ. सुशील कुमार सहित विभाग के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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