पंजाब सेवा समिट 2026 में सीटी ग्रुप के छात्रों को बाढ़ पुनर्वास आवास परियोजना में योगदान के लिए सम्मानित किया गया

जालंधर (अरोड़ा) :- शाहपुर स्थित सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग (CTIAP) के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को पंजाब सेवा समिट 2026 में ग्लोबल सिख्स द्वारा बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवास पुनर्वास परियोजना में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया। “Together We Served. Together We Rebuild. Together We Rise.” थीम के अंतर्गत आयोजित इस समिट में उन व्यक्तियों, संगठनों, स्वयंसेवकों, दानदाताओं एवं सहयोगियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने समाज सेवा के माध्यम से प्रदेशभर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में भूमिका निभाई। इस अवसर पर पंजाब के माननीय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और भी बढ़ाया। इस पुनर्वास पहल के अंतर्गत, सीटी आर्किटेक्चर के विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों ने ग्लोबल सिख्स के साथ मिलकर पंजाब के बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए आवासीय समाधान विकसित किए। इस परियोजना का समन्वय सीटीआईएपी के कोऑर्डिनेटर श्री रितेश द्वारा किया गया, जिन्होंने विद्यार्थियों के साथ मिलकर पूरे प्रोजेक्ट का नेतृत्व किया।

अपनी तकनीकी दक्षता, नवाचारी सोच और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता के माध्यम से टीम ने दीर्घकालिक एवं टिकाऊ आवास समाधान तैयार करने में योगदान दिया। यह पहल ग्लोबल सिख्स के संस्थापक श्री अमरप्रीत सिंह के नेतृत्व में संचालित की गई, जिनकी मानवीय सेवा और सामुदायिक सशक्तिकरण की दृष्टि निरंतर प्रेरणा देती रही है। समिट के दौरान सीटीआईएपी टीम को उनके समर्पण और सार्थक योगदान के लिए सम्मानित किया गया, जो संस्थान और इसके विद्यार्थियों के लिए गर्व का विषय है। सीटीआईएपी की प्रिंसिपल डॉ. श्रुति एच. कपूर ने कहा, “यह सम्मान हमारे विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की प्रतिबद्धता, रचनात्मकता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। हमें गर्व है कि हमारे विद्यार्थी अपने ज्ञान का उपयोग समाज की वास्तविक समस्याओं के समाधान में कर रहे हैं।” डायरेक्टर कैंपस डॉ. जयाशीष सेठी ने कहा, “पंजाब सेवा समिट में मिला यह सम्मान हमारे लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है। यह हमारे विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर रितेश के समर्पण को दर्शाता है।” यह सम्मान इस बात को रेखांकित करता है कि आर्किटेक्चर केवल निर्माण नहीं, बल्कि समाज के पुनर्निर्माण का माध्यम है और युवा आर्किटेक्ट्स समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

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