जालंधर (कुलविंदर) :- दर्शन अकादमी, जालंधर में शिक्षकों के लिए आध्यात्मिक पाठ्यक्रम (Spiritual Curriculum) पर एक दिवसीय आंतरिक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर सावन कृपाल रुहानी मिशन की सम्मानित सदस्य और अनुयायी सीमा विज और मंजू मैम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विद्यालय के प्रधानाचार्य दिनेश सिंह जी ने अतिथियों का स्वागत पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट करके किया।कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथियों, प्रधानाचार्य और समन्वयकों (Co-ordinators) द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद, कार्यक्रम की शुरुआत में सावन कृपाल रुहानी मिशन के प्रमुख संत राजिंदर सिंह जी महाराज का एक विशेष वीडियो संदेश दिखाया गया। इस वीडियो में महाराज जी ने बताया कि जीवन में सच्ची खुशी, संतुष्टि और मन की शांति को कैसे प्राप्त किया जा सकता है। वीडियो देखने के बाद उपस्थित शिक्षकों ने इस पर अपने सकारात्मक विचार और समीक्षा साझा की।




कार्यशाला के दौरान आध्यात्मिक पाठ्यक्रम को गहराई से समझाने के लिए अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। प्राइमरी कोऑर्डिनेटर वंदना ने ध्यान (Meditation) की अवधारणा को स्पष्ट किया और इससे छात्रों व शिक्षकों के जीवन में होने वाले विभिन्न लाभों पर प्रकाश डाला। सोनिया साहनी ने शिक्षकों को जानकारी दी कि आध्यात्मिक पाठ्यक्रम के प्रश्नपत्रों और परीक्षाओं का मूल्यांकन (Evaluation) किस प्रकार सही और प्रभावी ढंग से किया जाना चाहिए।स्कूल के शिक्षकों ने अहिंसा (Non-violence), शाकाहारी भोजन (Vegetarian Diet), और विनम्रता (Humility) जैसे महत्वपूर्ण आध्यात्मिक विषयों पर विभिन्न गतिविधियों और शिक्षण सामाग्रियों के माध्यम से शानदार शिक्षण विधियां प्रस्तुत कीं।मुख्य अतिथियों ने भी इस अवसर पर अपने मूल्यवान विचार साझा किए और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए दर्शन अकादमी द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के समापन पर प्रधानाचार्य दिनेश सिंह जी ने दोनों सम्मानित अतिथियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कार्यशाला शिक्षकों को बच्चों के भीतर मानवीय और आध्यात्मिक मूल्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से सींचने में मदद करेगी।
Jiwanjot Savera