जालंधर (अरोड़ा) :- हंस राज महिला महाविद्यालय, जालंधर ने पर्यावरणीय सततता (सस्टेनेबिलिटी) के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट एवं अग्रणी योगदान के लिए प्लेटिनम सस्टेनेबल कैंपस पार्टनर सम्मान प्राप्त कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान संस्था को राष्ट्रीय सतत् पुरस्कार (National Sustainable Award) के अंतर्गत प्रदान किया गया। यह विशिष्ट सम्मान हैदराबाद स्थित ग्लोबल पीस ऑडिटोरियम में आयोजित भव्य समारोह के दौरान प्रख्यात शिक्षाविद् डॉ. टी जी सीतारमण द्वारा प्रदान किया गया। वे पूर्व में एआईसीटीई (AICTE) के अध्यक्ष रह चुके हैं तथा भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc) में प्रोफेसर हैं। यह सम्मान भारत एनवायरनमेंट प्रोग्राम : नेशनल सस्टेनेबल कैंपस मिशन 2026 के अंतर्गत प्रदान किया गया, जिसका आयोजन रिसर्च हाइट्स फाउंडेशन द्वारा पर्यावरण संरक्षण शिक्षण एवम शोध संस्थान के सहयोग से किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत उन प्रमुख शिक्षण संस्थानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने परिसरों में पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी रूप से बढ़ावा दिया। एचएमवी को यह सर्वोच्च प्रमाण पर्यावरण संरक्षण, हरित परिसर विकास, स्वच्छता, जल संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे क्षेत्रों में व्यापक एवं प्रभावशाली सतत् विकास गतिविधियों के सफल आयोजन के लिए प्रदान किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने संस्था की ओर से यह सम्मान औपचारिक रूप से प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि महाविद्यालय के शिक्षकों, समन्वयकों एवं विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है, जिन्होंने सतत् विकास गतिविधियों में सक्रिय योगदान दिया। जिन्होंने पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई। उन्होंने पदमभूषण आर्यरत्न डॉ. पूनम सूरी, अध्यक्ष डीएवीसीएमसी तथा डीएवीसीएमसी एवं स्थानीय सलाहकार समिति के सदस्यों के सतत सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। आईक्यूएसी कोआर्डिनेटर एवं नोडल अधिकारी डॉ. अंजना भाटिया एवं डीन अकादमिक डॉ. सीमा मरवाहा ने बताया कि एचएमवी सदैव पर्यावरणीय पहलों में अग्रणी रहा है तथा विद्यार्थियों और समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करता रहा है एवं नवोदिशा की ओर निरंतर अग्रसर रहेगा।
Jiwanjot Savera