डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के प्रतियोगिता प्रकोष्ठ द्वारा ब्रिज कोर्सेज़ का उद्घाटन सत्र

जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के प्रतियोगिता प्रकोष्ठ ने महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार के कुशल मार्गदर्शन में परिसर में आयोजित एक उत्साहपूर्ण एवं सुव्यवस्थित सत्र में ब्रिज कोर्सेज़ का उद्घाटन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ डी.ए.वी. गान के सामूहिक गायन से हुआ, जिससे पूरे आयोजन में गंभीरता एवं प्रेरणा का वातावरण बन गया। मंच संचालन का दायित्व प्रो. जसमीन कौर ने कुशलतापूर्वक निभाया। प्रतियोगिता प्रकोष्ठ की संयोजिका प्रो. तनु महाजन ने उपस्थित जनसमूह का औपचारिक स्वागत किया तथा ब्रिज कोर्सेज़ के उद्देश्य एवं महत्त्व से परिचित कराया। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक नींव को सुदृढ़ करने और उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु तैयार करने में इन पाठ्यक्रमों की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इन ब्रिज कोर्सेज़ के लिए बड़ी संख्या में पंजीकरण कराया है। इन पाठ्यक्रमों का आयोजन 10 अप्रैल से 20 अप्रैल, 2026 तक किया जाना निर्धारित है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यालयी शिक्षा और उच्च शिक्षा के बीच के अंतर को समाप्त करना तथा विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या-समाधान कौशल का विकास करना है।

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए प्राचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे ऐसे अवसरों का भरपूर लाभ उठाएँ, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास एवं दक्षता के साथ कर सकें। उद्घाटन सत्र के उपरांत प्रो. कुॅंवर राजीव ने “मन एवं स्मरण शक्ति कौशल” विषय पर एक ज्ञानवर्धक व्याख्यान प्रस्तुत किया। अपने व्याख्यान में उन्होंने किसी भी विषय को दीर्घकाल तक स्मरण रखने की क्षमता बढ़ाने हेतु एकाग्रता, नियमित पुनरावृत्ति तथा वैज्ञानिक स्मरण विधियों के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने विषयवस्तु को याद रखने के लिए संबंध जोड़ने, मन में चित्र बनाकर समझने तथा विषय को छोटे-छोटे भागों में बाँटकर पढ़ने जैसी विधियों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को परामर्श दिया कि वे सीखने के परिणामों को बेहतर बनाने हेतु अनुशासित अध्ययन की आदतें विकसित करें, समय का प्रभावी प्रबंधन करें तथा सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें। उनके व्यावहारिक सुझावों एवं प्रभावशाली प्रस्तुति से विद्यार्थियों को अत्यधिक लाभ हुआ और वे अधिक प्रभावी अध्ययन पद्धतियाँ अपनाने के लिए प्रेरित हुए। इस कार्यक्रम की गरिमा अनेक विशिष्ट संकाय सदस्यों एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति से और अधिक बढ़ गई। इनमें प्रो. कुॅंवर राजीव (वरिष्ठ उप-प्राचार्य), प्रो. सोनिका दानिया (उप-प्राचार्या), डॉ. शरणजीत कौर, डॉ. पुनीत पुरी, डॉ. सीमा दत्ता, प्रो. पंकज गुप्ता (जनसंपर्क अधिकारी), डॉ. सीमा शर्मा, डॉ. आशु बहल, डॉ. राजन शर्मा, डॉ. राज कुमार, प्रो. रंजीता गुगलानी तथा डॉ. निश्चय बहल शामिल थे।

प्रतियोगिता प्रकोष्ठ के सदस्यों—डॉ. वरुण देव, प्रो. राहुल सेखरी, प्रो. जसमीन कौर, डॉ. हिना अरोड़ा, डॉ. मनप्रीत कौर—तथा वाणिज्य स्नातक प्रथम वर्ष की एक स्वयंसेविका सुश्री यशस्वी ने सक्रिय समन्वय एवं सहयोग प्रदान कर कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के महाविद्यालय पुस्तकालय के भ्रमण के साथ हुआ, जहाँ उन्हें उनकी तैयारी में सहायक विशाल शैक्षणिक संसाधनों से परिचित कराया गया। यह कार्यक्रम अत्यंत सफल रहा तथा इसने विद्यार्थियों में शैक्षणिक उत्कृष्टता एवं समग्र विकास को प्रोत्साहित करने के प्रति संस्थान की दृढ़ प्रतिबद्धता को प्रभावी रूप से प्रदर्शित किया।

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