जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर की राष्ट्रीय सेवा योजना (एन.एस.एस.) इकाई के आठ समर्पित स्वयंसेवकों ने पंजाब युवा सेवा विभाग द्वारा मोहाली के पालमपुर गाँव में 4 अप्रैल से 8 अप्रैल 2026 तक आयोजित पाँच दिवसीय पदयात्रा एवं ट्रैकिंग शिविर में सफलतापूर्वक सहभागिता की। स्वयंसेवक भवनीत सिंह (बी.ए. द्वितीय वर्ष) के नेतृत्व में, बलप्रीत सिंह (बी.कॉम तृतीय वर्ष), बिक्रमप्रीत सिंह (बी.कॉम तृतीय वर्ष), ओंकार सिंह (बी.ए.जे.एम.सी. तृतीय वर्ष), पीयूष मारवाह (बी.कॉम तृतीय वर्ष), वैभव कोचर (बी.कॉम द्वितीय वर्ष), अर्शदीप सिंह (बी.ए. प्रथम वर्ष) तथा शिवम (बी.कॉम प्रथम वर्ष) से मिलकर बने इस दल ने पूरे शिविर के दौरान अपने अनुशासित व्यवहार एवं उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के माध्यम से विशेष पहचान स्थापित की। शिविर में एक सुव्यवस्थित दैनिक कार्यक्रम का पालन किया गया। प्रत्येक दिन की शुरुआत प्रातः 5:30 बजे व्यायाम से होती थी, तत्पश्चात नाश्ता कराया जाता था और फिर धीरे-धीरे बढ़ती कठिनाई वाले ट्रैकिंग अभियान आयोजित किए जाते थे। प्रथम दिन 6 किलोमीटर की यात्रा सुख विला तक, द्वितीय दिन 12 किलोमीटर की यात्रा सिसवान बाँध तक तथा तृतीय दिन घने वनों और पर्वतीय मार्गों से होकर मिर्ज़ापुर तक 16 किलोमीटर की चुनौतीपूर्ण पदयात्रा संपन्न कराई गई।




प्रत्येक ट्रैक ने स्वयंसेवकों की शारीरिक क्षमता एवं धैर्य की परीक्षा ली तथा उन्हें दृढ़ संकल्प और परस्पर सहयोग का महत्व सिखाया। कठिन मार्गों पर स्वयंसेवक एक-दूसरे का सहारा बनकर संकरी पर्वतीय पगडंडियों से होकर आगे बढ़े। सिसवान बाँध पर नौका विहार का अनुभव तथा मिर्ज़ापुर में शैलारोहण और ज़िप-लाइनिंग जैसी साहसिक गतिविधियाँ स्वयंसेवकों को उनके आराम क्षेत्र से बाहर ले गईं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और साहस का विकास हुआ। संध्या समय वॉलीबॉल, क्रिकेट तथा बैडमिंटन जैसे खेलों ने स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं खेल भावना को प्रोत्साहित किया। वहीं स्थानीय गुरुद्वारे के नियमित दर्शन ने स्वयंसेवकों में आध्यात्मिकता एवं विनम्रता की भावना को सुदृढ़ किया। प्रत्येक रात्रि आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों के बीच आपसी सौहार्द एवं सहयोग की भावना को और अधिक प्रगाढ़ किया। स्वयंसेवक भवनीत सिंह को पूरे शिविर हेतु दो छात्र नेताओं में से एक के रूप में नियुक्त किया गया। उन्हें सभी ट्रैकिंग अभियानों के दौरान समूह का पीछे से नेतृत्व करने तथा सभी 57 प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। इस दायित्व ने उनके नेतृत्व एवं संगठनात्मक कौशल को और अधिक निखारा तथा उनके प्रभावी प्रबंधन ने कॉलेज की गरिमा और प्रतिष्ठा को बनाए रखा। शिविर के सफल समापन के पश्चात कॉलेज प्रशासन द्वारा स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए उन्हें इस प्रकार की गतिविधियों में निरंतर सहभागिता करने हेतु प्रेरित किया। एन.एस.एस. समन्वयक डॉ. साहिब सिंह तथा एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गुरजीत कौर, सुश्री सुरुचि काटला एवं डॉ. सुमित जलोटा ने भी स्वयंसेवकों को उनके सराहनीय योगदान एवं कार्यक्रम की सफलता हेतु शुभकामनाएँ प्रदान कीं।
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