परंपरा, सम्मान और देशभक्ति का संगम—युवाओं ने दिखाया सांस्कृतिक गौरव
जालंधर (अरोड़ा) :- शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की शहादत दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स के शाहपुर परिसर में दस्तार बाँधने की प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य सिख परंपरा से जुड़े दस्तार के सांस्कृतिक महत्व को उजागर करना और युवाओं में अपनी विरासत के प्रति गर्व की भावना को प्रोत्साहित करना था। इस प्रतियोगिता में 30 से अधिक प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। प्रतिभागियों ने मोरनी, पटियाला शाही, वट्टन वाली और पूंछनी जैसे पारंपरिक अंदाज़ों में दस्तार बाँधने की कला का प्रदर्शन किया। उनकी गति, सटीकता और प्रस्तुति ने सभी को प्रभावित किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन टर्बन अकादमी की टीम—चनप्रीत सिंह, जसनप्रीत सिंह और लवप्रीत सिंह—द्वारा किया गया।





उन्होंने प्रतिभागियों का आकलन तकनीक, शैली और संपूर्ण प्रस्तुति के आधार पर किया। इस अवसर पर कैंपस निदेशक डॉ. शिव कुमार, शैक्षणिक संचालन निदेशक डॉ. संग्राम सिंह, डीन छात्र कल्याण डॉ. अर्जन सिंह तथा सीटी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के प्राचार्य दिवॉय छाबड़ा उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और भगत सिंह की विरासत को सम्मान देने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। प्रतियोगिता के अंत में सुखदीप सिंह ने पहला स्थान प्राप्त कर ₹3100 का नकद पुरस्कार जीता। मंजिंदर सिंह ने दूसरा स्थान हासिल कर ₹2100 प्राप्त किए, जबकि प्रभजीत सिंह ने तीसरा स्थान प्राप्त कर ₹1100 का पुरस्कार जीता।



सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयास और भागीदारी के लिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। अंत में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने विजेताओं को बधाई दी और विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। यह आयोजन देशभक्ति और उत्सव के भाव के साथ संपन्न हुआ, जो शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के आदर्शों को सजीव करता है।
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