अमृतसर (प्रदीप) :- बी बी के डी ए कलेज फॉर विमेन, अमृतसर की प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया को नेशनल एडुट्रस्ट ऑफ इंडिया ने उनकी शानदार लीडरशिप, हायर एजुकेशन में इंस्टीट्यूशनल एक्सीलेंस और सस्टेनेबल पहलों में शानदार योगदान के लिए प्रतिष्ठित चेंज मेकर अवॉर्ड 2026 से सम्मानित किया। यह अवॉर्ड कॉलेज द्वारा शुरू की गई बदलाव की अनोखी पहल के लिए दिया गया, जिसमें कैंपस में एक चुनी हुई जगह का सृजनात्मक ढंग से पुनः निर्माण किया गया। उस जगह एक जीवंत म्यूरल बनाया गया, जिसमें पूरी तरह से ई-वेस्ट का प्रयोग करके सस्टेनेबिलिटी, आर्ट और एनवायरनमेंटल अवेयरनेस के एक मिश्रण को कलात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया। इस प्रोजेक्ट में बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन की भावना को खूबसूरती से दिखाया गया, जहाँ शिक्षा का विस्तार क्लासरूम से आगे तक फैला हुआ था और जहाँ छात्रायों को ज़िम्मेदार चेंज मेकर बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया । फेंके गए इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट को सार्थक आर्ट में बदलकर, इस पहल ने एनवायरनमेंटल अवेयरनेस और क्रिएटिव एक्सप्रेशन के महत्व को हाईलाइट किया।

चेंज मेकर अवॉर्ड चार खास पैरामीटर-क्रिएटिविटी और इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और इको-फ्रेंडली चीज़ों का इस्तेमाल, स्टूडेंट और कम्युनिटी की भागीदारी, बदले हुए एरिया का प्रभाव और उपयोगिता के आधार पर दिया गया। अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान, नेशनल एडुट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के सी ई ओ श्री समर्थ शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई और कॉलेज के सस्टेनेबल इनिशिएटिव के प्रति दिखाए गए कमिटमेंट की तारीफ करते हुए प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया को अवॉर्ड मिलने पर बधाई दी। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने कहा कि यह पहचान पूरे बी बी के परिवार के लिए गर्व का पल है। उन्होंने आगे कहा कि कॉलेज का मकसद हमेशा से समाज के प्रति ज़िम्मेदार और पर्यावरण के प्रति जागरूक नागरिकों को तैयार करना रहा है। ई-वेस्ट म्यूरल पहल यह दिखाती है कि क्रिएटिविटी, सस्टेनेबिलिटी और संयुक्त प्रयत्न साधारण जगहों को बदलाव के साथ महत्वपूर्ण निशानों में बदल सकती है। उल्लेखनीय है कि इस अवसर पर कॉलेज ने नेशनल एडुट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन भारत 2-वीक इम्पैक्ट चैलेंज भी लॉन्च किया।
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