अमृतसर (प्रदीप) :- बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन, अमृतसर की आर्य युवती सभा द्वारा महान राष्ट्रभक्त, शिक्षाविद् एवं समाज-सुधारक स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती जी की पावन जयंती के उपलक्ष्य में एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. हरमहेन्द्र सिंह बेदी, कुलाधिपति, केन्द्रीय विश्वविद्यालय, हिमाचल प्रदेश सहित प्राचार्या डॉ. पुष्पिंदर वालिया उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का आरंभ प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया द्वारा मुख्य अतिथि को वातावरण का संरक्षक नन्हा पौधा देकर स्वागत करने से हुआ। आप ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे महापुरूषों की जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन हैं। आपने स्वामी श्रद्धानंद जी के जीवन संघर्ष, राष्ट्रसेवा एवं वैदिक शिक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। मुख्यवक्ता डॉ. हरमहेन्द्र सिंह बेदी जी ने अपने वक्तव्य में स्वामी जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वामी श्रद्धानंद जी का जीवन त्याग, साहस और राष्ट्रनिष्ठा का अनुपम उदाहरण हैं। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र-जागरण, शिक्षा-प्रसार तथा सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन के लिए समर्पित कर दिया। स्वामी जी ने गुरूकुल कांगड़ी की स्थापना कर भारतीय संस्कृति एवं वैदिक परंपरा के पुनर्जागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में संचालित नई शिक्षा नीति के मुख्य स्त्रोत स्वामी श्रद्धानंद जी की विद्या पद्धति में निहित हैं। आज के युवाओं को उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता नरेन्द्र द्वारा कुशल मंच संचालन तथा कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर आर्य युवती सभा के सदस्य, आफिॅस बियरर्ज़ एवं छात्राएं भी उपस्थित रहीं।
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