जालंधर (अरोड़ा) :- नर्सरी के विद्यार्थियों की भागीदारी उत्साहजनक रही। आत्मविश्वास से भरे बच्चों ने विभिन्न प्रकार के मनमोहक गीतों पर सहजता से नृत्य किया। लोकगीत निस्संदेह दिन का मुख्य आकर्षण थे। आश्चर्यजनक रूप से, सत्र के दौरान शांत और मंच पर शर्माने वाले बच्चों ने इस भव्य आयोजन में सबका दिल जीत लिया! अंत में, स्कूल के प्रधानाचार्य के.एस. रंधावा और प्रधानाध्यापिका संगीता भाटिया ने सरल पालन-पोषण संबंधी सुझाव साझा किए, जैसे 10 वर्ष की आयु तक फोन का उपयोग न करना, केवल घर का बना भोजन करना और ट्यूशन संस्कृति से दूर रहना। केजी प्रभारी सुखम ने अपने अनुभव और वर्ष भर बच्चों के विकास की कहानी साझा की। प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और ट्राफियां दिए जाने पर प्रत्येक मासूम चेहरे पर खुशी झलक रही थी।
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