जालंधर (अजय छाबड़ा) :- सेंट सोल्जर ग्रुप के विद्यार्थियों ने पतंग उड़ाते समय प्लास्टिक डोर का इस्तेमाल न करने का कड़ा मैसेज फैलाने के लिए एक अवेयरनेस कैंपेन चलाया। पोस्टर, स्लोगन और छोटी स्पीच के ज़रिए, छात्रों ने बताया कि प्लास्टिक की डोर उड़ने वाले पक्षियों के लिए बहुत खतरनाक होती है, जिससे उन्हें गंभीर चोटें लग सकती हैं और मौत भी हो सकती है। उन्होंने समाज से अपील की कि पक्षियों और पर्यावरण की रक्षा के लिए सिर्फ़ इको- फ्रेंडली कॉटन के धागे इस्तेमाल करें। छात्रों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि त्योहारों को प्रकृति को नुकसान पहुँचाए बिना ज़िम्मेदारी से मनाया जाना चाहिए।

उनकी इस पहल का मकसद लोगों में अवेयरनेस फैलाना और सभी को पक्षियों को बचाने और एक सुरक्षित, इको-फ्रेंडली जश्न को बढ़ावा देने के लिए छोटे लेकिन सार्थक कदम उठाने के लिए मोटिवेट करना था। ग्रुप के चेयरमैन अनिल चोपड़ा और वाइस चेयरपर्सन संगीता चोपड़ा ने छात्रों की इस पहल की तारीफ़ की, और समाज को भी यही मैसेज दिया।
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