जालंधर (अरोड़ा) :- डीएवी विश्वविद्यालय जालंधर में सांस्कृतिक गौरव और उत्सवी उल्लास से विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने मिलकर पारंपरिक पंजाबी फसल उत्सव लोहड़ी को बड़े उत्साह के साथ मनाया। यह आयोजन विश्वविद्यालय की एकता और सांस्कृतिक समृद्धि की भावना को सशक्त रूप से दर्शाता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार और रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) एस. के. अरोड़ा की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधान के साथ हुई, जिसके पश्चात् अलाव प्रज्ज्वलन किया गया, जो सर्दियों के अंत और लंबे, उज्ज्वल दिनों के आगमन का प्रतीक है। परिसर रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों, लोक संगीत और ढोल की थाप से जीवंत हो उठा। इस मौके पर सभी को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने कहा लोहड़ी परिश्रम, कृतज्ञता और आशा का पर्व है। जब हम इस पवित्र अग्नि के चारों ओर एकत्र होते हैं, तो यह हमें अपने जीवन में ज्ञान, करुणा और एकता को पोषित करने की प्रेरणा देता है।



यह पर्व सभी के लिए समृद्धि, सुख और सद्भाव लेकर आए। इस अवसर पर अपने विचार साझा करते हुए रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) एस. के. अरोड़ा ने कहा लोहड़ी सामुदायिक भावना और आपसी जुड़ाव को मजबूत करती है। यह हमें याद दिलाती है कि त्योहार भेदभाव से ऊपर उठकर लोगों को साझा मूल्यों और सामूहिक आनंद के साथ जोड़ते हैं। डॉ. कमलजीत कौर सिद्धू, डीन, लॉ एवं छात्र कल्याण ने कहा, लोहड़ी उत्सव को इस तरह योजनाबद्ध किया गया है कि यह विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए एक गर्मजोशी भरा और समावेशी मंच बने, जहाँ सभी अपनी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव मना सकें। ऐसे आयोजन विश्वविद्यालय समुदाय में अपनापन,सकारात्मकता और एकजुटता को बढ़ावा देते हैं। उत्सव की रौनक बढ़ाने के लिए आयोजन समिति द्वारा पारंपरिक लोहरी व्यंजन जैसे पॉपकॉर्न, गुड़, रेवड़ी और मूंगफली वितरित की गई। संगीत और नृत्य से सजी जीवंत वातावरण ने सभी की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की और समारोह को यादगार बना दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति और रजिस्ट्रार ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वविद्यालय में उत्सवपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण सृजित करने में सराहनीय भूमिका निभाई।
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