विकसित भारत युवा नेता संवाद: विकसित भारत के लिए युवा नेतृत्व का सशक्तिकरण

चंडीगढ़ (ब्यूरो) :- भारत की विकास कथा उन लोगों द्वारा लिखी जाएगी, जो आज इसके विचारों को स्वरुप दे रहे हैं। पूरे देश में, युवा भारतीय इस बारे में गहराई से सोच रहे हैं कि भारत कैसे तेज़ी से आगे बढ़ सकता है, कैसे बेहतर शासन कर सकता है और किस प्रकार 2047 तक विकसित देश बन सकता है। उनके विचार विश्वविद्यालय परिसरों और समुदायों, स्टार्ट-अप और खेल के मैदानों, कक्षाओं और गांव की बैठकों में उभरकर सामने आ रहे हैं। वास्तविक सवाल अब यह नहीं रहा कि क्या युवाओं के पास योगदान देने के लिए कुछ है, बल्कि यह है कि क्या उनके विचारों को राष्ट्र की दिशा को प्रभावित करने के लिए एक सशक्त मंच दिया जा रहा है। विकसित भारत युवा नेता संवाद (वीबीवाईएलडी) को ऐसा ही मंच प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आज भारत में विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी निवास करती है। इसलिए यह स्वाभाविक ही है कि राष्ट्र के भविष्य की दिशा केवल नीतियों या संस्थाओं से नहीं, बल्कि इसके युवा नागरिकों की कल्पना, दृढ़ विश्वास और साहस से निर्धारित होगी। विशाल युवा शक्ति का यह भंडार केवल जनसांख्यिकीय लाभ नहीं है; यह भारत की सबसे बड़ी राष्ट्रीय परिसंपत्ति है, जो नवाचार को गति देने, लोकतंत्र को मजबूत करने तथा देश को समावेशी और सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में सक्षम है। भारत की युवा पीढ़ी की आकांक्षाओं को मजबूत उद्देश्य और संभावना से मार्गदर्शन मिलता है। आज का युवा केवल व्यक्तिगत उन्नति से प्रेरणा प्राप्त नहीं करता है; वह जिम्मेदारी उठाने और सार्थक प्रभाव डालने की इच्छा से भी प्रेरित होता है। वे ऐसे रास्तों की खोज करते हैं, जहां उनकी रचनात्मकता, समाधानों में बदल सके, उनकी ऊर्जा नेतृत्व में और उनकी महत्वाकांक्षा सेवा में परिवर्तित हो सके। युवा मामले और खेल मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, मुझे विभिन्न पृष्ठभूमियों में – जैसे विश्वविद्यालय परिसरों में, ग्रामीण जिलों में, खेल मैदानों में और युवा नेतृत्व वाली सामुदायिक पहलों में – युवा भारतीयों के साथ बातचीत करने का अवसर मिला है। जो चीज़ हमेशा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, वह यह है कि युवा लोग देश के भविष्य के बारे में कितनी गंभीरता से सोचते हैं। मुझे वह मौका याद है जब मैं ग्रामीण युवा स्वयंसेवकों के एक समूह से मिला, जिन्होंने अपने गाँवों में अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों का आयोजन किया था। सीमित संसाधनों के बावजूद, दृढ़ विश्वास के साथ, वे शिक्षा और कौशल विकास की कमियों का स्थानीय रूप से डिज़ाइन किए गए उपायों के माध्यम से समाधान कर रहे थे। उनके विचार व्यावहारिक थे, जमीनी वास्तविकताओं से जुड़े थे और जिम्मेदारी की स्पष्ट भावना से संचालित थे। इस तरह के अनुभव एक सरल सच्चाई की पुष्टि करते हैं: जब युवा लोगों पर भरोसा किया जाता है और उन्हें स्‍थान दिया जाता है, तो वे केवल भाग नहीं लेते, बल्कि नेतृत्व करते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले से आह्वान किया था कि ऐसे एक लाख युवाओं को सार्वजनिक जीवन में लाया जाना चाहिए, जिनकी कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि न हो। प्रधानमंत्री की इसी भावना से प्रेरित होकर जनवरी 2025 में ‘विकसित भारत युवा नेता संवाद’ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया, जिसमें राष्ट्रीय युवा महोत्सव की परिकल्पना पूरी तरह से नए प्रारूप में की गयी है। प्रतिक्रिया अभूतपूर्व रही। विकसित भारत चुनौती के माध्यम से 30 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया, दो लाख से अधिक निबंध प्रस्तुत किए गए और हजारों युवाओं ने राज्य स्तर पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस आयोजन का समापन दिल्ली के भारत मंडपम में हुआ, जहां 3,000 युवा नेताओं को प्रधानमंत्री के साथ खुलकर संवाद करने का अवसर मिला, जिन्होंने कई घंटों तक उनके विचार सुने और उन्हें नेतृत्व करने के लिए प्रेरित किया। संख्याओं से परे, सहभागिता की प्रकृति ने इस संवाद को वास्तव में ऐतिहासिक बनाया। इसने मान्यता दी कि भारत की युवा शक्ति के विचार 2047 के भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण हैं। युवा प्रतिभागियों को राष्ट्रीय चुनौतियों के बारे में गंभीरता से सोचने, समाधान प्रस्तुत करने और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को साझा उद्देश्य के साथ जोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिससे आकांक्षा और क्रियान्वयन के बीच का अंतर समाप्त हो गया। विकसित भारत युवा नेता संवाद की ताकत केवल इसके पैमाने में नहीं, बल्कि इसके डिज़ाइन में है। विचार, भाषा, संस्कृति और अनुभव की विविधता इस पहल की संरचना में निहित है। शहरी और ग्रामीण भारत के युवा, छात्र और पेशेवर, नवोन्मेषी और जमीनी नेता एक मंच साझा करते हैं। कई स्तरों की भागीदारी सुनिश्चित करती है कि संवाद और आदान-प्रदान के माध्यम से विचार परिष्कृत होंगे, न कि भौगोलिक, भाषा या पृष्ठभूमि के कारण विचारों को छांट दिया जाएगा। ऐसा करके, संवाद सुनिश्चित करता है कि भाग लेने वाले हर युवा के पास अपनी बात को रखने का अवसर है और उसे विस्तार देने का एक मंच भी है। भारत के युवाओं ने हमेशा देश के निर्णायक क्षणों में मुख्य भूमिका निभाई है, स्वतंत्रता संग्राम से लेकर स्वतंत्र भारत के संस्थानों के निर्माण तक। हर मोड़ पर, युवा भारतीय साहस, विश्वास और नेतृत्व करने की इच्छा के साथ आगे बढ़े हैं। केवल भागीदारी के लिए नहीं, बल्कि भारत की विकास कहानी के साझा-निर्माण का नेतृत्व करने और इसे गति देने के लिए, आज, राष्ट्र फिर से अपने युवाओं की ओर देख रहा है। 2047 में विकसित भारत का विज़न केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है; यह सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण जिम्मेदारी, तकनीकी मार्गदर्शन और समावेशी विकास की भी मांग करता है। इन जटिल चुनौतियों के लिए ताजा सोच, अनुकूलन क्षमता और अभिनव को अपनाने की योग्यता की आवश्यकता है: ये गुण भारत की युवा शक्ति में प्रबल रूप से मौजूद हैं। पहली ऐतिहासिक संस्करण की शानदार सफलता के आधार पर, वीबीवाईएलडी2026, जो 9–12 जनवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, राष्ट्रीय युवा सम्मेलन से एक ऐसे मंच की ओर निर्णायक छलांग का संकेत देता है जिसकी प्रतिध्वनि वैश्विक है। ‘भारत के लिए डिज़ाइन’ और ‘विकसित भारत के लिए प्रौद्योगिकी’ जैसी नई पहलों और अंतरराष्ट्रीय भारतीय युवा प्रवासी की भागीदारी के साथ, संवादों का अब सीमाओं के पार तक प्रसार होता है। फिर भी, इसका मूल उद्देश्य अपरिवर्तित रहता है: युवाओं को साहसपूर्वक सोचने, निडरता से रचना करने और दृढ़ विश्वास के साथ नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाना। इस साल के आयोजन का पैमाना इस महत्वाकांक्षा की गहराई को रेखांकित करता है। विकसित भारत क्विज में 50 लाख से अधिक युवा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जो वीबीवाईएलडी 2026 के चयन का पहला चरण था। यह इसे अपने तरह के सबसे बड़े युवा सहभागिता कार्यक्रमों में से एक बनाता है। चार दिनों के दौरान, देश के हर कोने के प्रतिभागी व्यावहारिक अंतर्दृष्टियों, विचारों और दृष्टिकोणों का लाभ उठाते हुए प्रमुख राष्ट्रीय और वैश्विक व्यक्तित्वों के साथ संवाद करेंगे, जो विषयों और भौगोलिक सीमाओं से परे जाते हैं। वास्तव में वीबीवाईएलडी 2026 को अलग बनाने वाली चीज यह है कि यह हमारी युवा शक्ति को केवल बोलने का मौका नहीं देता, बल्कि उन्हें सुने जाने का भी अवसर प्रदान करता है। यह मंच युवा भारतीयों को अपने विचारों, आकांक्षाओं और समाधानों को भारत के प्रधानमंत्री के सामने सीधे प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है। 12 जनवरी को, जिसे पूरे देश में स्वामी विवेकानंद की स्मृति में राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व्यक्तिगत रूप से भारत मंडपम में युवाओं के साथ संवाद करेंगे, उनसे सुनेंगे कि वे भविष्य की भारत की कल्पना कैसे करते हैं और किस रूप में उसे आकार देने का इरादा रखते हैं। जैसे-जैसे भारत अपनी स्वतंत्रता की शताब्दी की ओर बढ़ रहा है, देश को उन युवाओं की सक्रिय भागीदारी की जरूरत है, जिनमें बड़े सपने देखने का साहस है और विचारों को सार्थक कार्य में बदलने का दृढ़ संकल्प है। संवाद के लिए एक मंच से कहीं अधिक, विकसित भारत युवा नेता संवाद एक अभियान है, जो भारतीय युवाओं को आगे बढ़कर नेतृत्व करने, राष्ट्रीय चुनौतियों का सामना करने और विकसित भारत के साथ अपनी आकांक्षाओं को जोड़ने का आह्वान करता है। विकसित भारत का निर्माण उन्हीं के द्वारा किया जाएगा, जिनमें नेतृत्व करने का आत्मविश्वास और सेवा करने की प्रतिबद्धता है। भारत के युवा तैयार हैं। राष्ट्र को उनके साथ चलने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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