अमृतसर (प्रदीप) :- बी बी के डी ए वी कॉलेज फॉर विमेन, में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस : अवधारणाएँ, अनुप्रयोग एवं चुनौतियाँ” विषय पर छह दिवसीय एआईसीटीई-प्रायोजित अटल संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) के उद्घाटन समारोह का आयोजन किया गया। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के कुलसचिव प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह चाहल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। प्राचार्या डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि संकाय विकास कार्यक्रम जैसी शैक्षणिक पहल किसी भी शिक्षण संस्थान का मूल आधार होती हैं, क्योंकि ये संकाय सदस्यों को समृद्ध करती हैं और उनके बौद्धिक विकास को सुदृढ़ बनाती हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जहाँ एक ओर महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है, वहीं दूसरी ओर गंभीर चुनौतियाँ भी प्रस्तुत करती है। अतः इसके अंतर्निहित जोखिमों को उत्तरदायित्व एवं जागरूकता के साथ संबोधित करना आवश्यक है। मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) करमजीत सिंह चहल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एआई शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं, अनुसंधान पद्धतियों तथा संस्थागत प्रशासन में व्यापक परिवर्तन ला रही है। कार्यक्रम के प्रथम तकनीकी सत्र का संचालन गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर के कंप्यूटर विभाग के प्रोफेसर डॉ. गुरविंदर सिंह ने किया। यह सत्र “नई शिक्षा नीति (एनईपी) एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (एनसीएफ): प्रतिमान परिवर्तन और एआई की चुनौतियाँ” विषय पर केंद्रित रहा। द्वितीय तकनीकी सत्र एओएससी टेक्नोलॉजीज़ की कस्टमर सक्सेस मैनेजर जसलीन कौर तुली द्वारा लिया गया, जिसमें “अनुसंधान में जनरेटिव एआई की भूमिका” विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके पश्चात प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने हेतु एक हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण सत्र का भी आयोजन किया गया। देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने महाविद्यालय के संकाय सदस्यों के साथ उत्साहपूर्वक इस संकाय विकास कार्यक्रम में सहभागिता की।
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