पीएफ विभाग ने पीएम विकसित भारत रोजगार योजना पर स्पोर्ट्स गुड्स एसोसिएशन को किया जागरूक

दिल्ली/जालंधर (ब्यूरो) :- कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, जालंधर द्वारा स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन से जुड़े नियोक्ताओं के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना पर एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य नियोक्ताओं को योजना की विशेषताओं, पात्रता नियमों, कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलने वाले लाभों तथा सरकारी प्रोत्साहन की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना था। सेमिनार की अध्यक्षता क्षेत्रीय कमिश्नर बी.के.वर्मा ने की और उनके साथ श्री हरमीत काजल सहायक कमिश्नर और पंकज सरपाल डीपीए, हरचरन सिंह ईओ और राजदीप सिंह ईओ भी उपस्थित रहे। वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा यह योजना देशभर में औद्योगिक रोजगार को बढ़ावा देने और संगठित क्षेत्र में कर्मचारियों को लाभ देने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस योजना के तहत जहा कर्मचारियो को वितीय इंसेंटिव मिल रहा है वही नियोक्ताओ को भी रोज़गार उपलब्द करवाने पर सरकार आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है जो संस्थानों की उत्पादन लागत को कम करेगा । पंकज सरपाल ने योजना विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक अगस्त 2025 से लागू हो चुकी है और 31 जुलाई 2027 तक पंजीकरण के लिए खुली रहेगी।

यह योजना के तहत जिन कर्मचारियों कुल मासिक वेतन एक लाख तक है और पी.ऍफ़. मे पहली बार रजिस्टर होकर रोजगार प्राप्त कर रहे है, उन्हें सरकार की ओर से अधिकतम पंद्रह हज़ार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दो किस्तों में प्रदान की जाएगी। पहली किस्त अधिकतम सात हज़ार पाँच सौ रुपये की होगी, जो नौकरी के छह महीने पूरे होने पर दी जाएगी, और दूसरी किस्त भी अधिकतम सात हज़ार पाँच सौ रुपये की होगी, जो बारह महीने की निरंतर सेवा पूरी करने पर मिलेगी। यह प्रोत्साहन राशि सीधे कर्मचारी के आधार से लिंक बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इस योजना के तहत नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योग क्षेत्र के नियोक्ताओं को यह लाभ चार साल तक और अन्य क्षेत्रों के नियोक्ताओं को दो साल तक मिलेगा। नियोक्ताओं को उनके द्वारा नियुक्त कर्मचारियों के वेतन के आधार पर मासिक प्रोत्साहन मिलेगा। इसमें दस हज़ार रुपये तक वेतन वाले कर्मचारियों पर एक हज़ार रुपये, दस हज़ार एक से बीस हज़ार रुपये वेतन वालों पर दो हज़ार रुपये और बीस हज़ार एक से एक लाख रुपये वेतन वालों पर तीन हज़ार रुपये प्रति माह की राशि दी जाएगी। यह पैसा सीधे नियोक्ता के खाते में जमा होगा, लेकिन शर्त यह है कि संस्थान ईपीएफओ से पंजीकृत हो और नई भर्तियाँ योजना के नियमों के अनुसार की गई हों। यह योजना रोजगार बढ़ाने और युवाओं को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। क्षेत्रीय कमिश्नर बी.के. वर्मा ने सेमिनार के दौरान नियोक्ताओं की सभी शंकाओं का मौके पर समाधान किया। उन्होंने सेमिनार में उपस्थित सभी नियोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि उद्योगों को प्रोत्साहित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह योजना एक महत्वपूर्ण कदम है। सेमिनार में उपस्थित नियोक्ताओं ने इस योजना का स्वागत किया और इससे जुड़ने में गहरी रुचि व्यक्त की। इस अवसर पर स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के चेयरमैन राजेश खरबंदा, सीनियर वाइस चेयरमैन विकास गुप्ता, ध्रुव महाजन, मनीष महाजन, अरविन्द अबरोल, अश्वनी मागो, पंकजू शर्मा, दुर्गेश वढेरा, राजेश कुमार, अभय महाजन, मुकेश बस्सन, योगेश खिंदर, डायमंड भाएजादा तथा राहुल खिंदर सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।

About admin

Check Also

नवजीवन वेलफेयर सोसाइटी, जालंधर द्वारा PiMS अस्पताल जालंधर के सहयोग से सितंबर माह में चार गांवों में मुफ्त मेडिकल कैंप आयोजित किए

जालंधर (मक्कड़) :- नवजीवन वेलफेयर सोसाइटी, जालंधर द्वारा PiMS अस्पताल जालंधर के सहयोग से सितंबर …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *