अमृतसर (प्रतीक) :- बीबीके डीएवी कॉलेज फॉर विमेन ने पुलिस कमिश्नरेट अमृतसर के सहयोग से छात्राओं को मादक द्रव्यों के सेवन के खतरों के बारे में शिक्षित करने और नशा मुक्त जीवन शैली को बढ़ावा देने के लिए नशा जागरूकता पर सेमिनार आयोजित किया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर (आईपीएस) थे। अपने स्वागत भाषण में प्रिंसिपल डॉ. पुष्पिंदर वालिया ने कहा कि जीवन का लक्ष्य समाज सेवा, शिक्षा और पारिवारिक बंधनों को संजोने जैसे नेक कामों में निहित है, न कि नशे में। हमारा शरीर एक मंदिर है, जिसे पोषित किया जाना चाहिए, न कि नष्ट। गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने अपने संबोधन में नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने में कानून प्रवर्तन और समाज की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता और आत्म-अनुशासन नशे की लत से लड़ने के सबसे मजबूत हथियार हैं।
सुखविंदर सिंह जेठूवाल, लाईफकोच ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग के मनोवैज्ञानिक प्रभाव और लचीलेपन के महत्व पर चर्चा की। इसके अलावा, एडीसीपी हरकमल कौर ने नशीली दवाओं के दुरुपयोग से निपटने में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। इसके बाद, डॉ. मनकरनप्रीत कौर, एमबीबीएस, एमडी सायकैट्रीने नशीली दवाओं की लत की चिकित्सा और मनोवैज्ञानिक परिणामों पर एक प्रभावशालीभाषण दिया, जिसमें बताया गया कि मादक द्रव्यों के सेवन से मानसिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है? गुरुप्रताप सिंहने नशे पर काबू पाने की अपनी व्यक्तिगत यात्रा सांझा की।
सेमिनार के दौरान, आजाद भगत सिंह विरासत मंच द्वारा व्यक्तियों और परिवारों पर नशीली दवाओं की लत के विनाशकारी प्रभावों को चित्रित करने वाला एक विचारोत्तेजक नाटक प्रस्तुत कियागया। सुदर्शन कपूर, अध्यक्ष, स्थानीय प्रबन्धेकर्त्री समिति ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इंस्पेक्टर तेजिंदर कौर, कॉलेज के संकाय सदस्यों और छात्रओं के साथ उत्साहपूर्वक सेमिनार में शामिल हुए।
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