कथा के पहले ही दिन उमड़ा जनसैलाब

प्रमुख विश्व विख्यात कथा वाचक सुश्री जया किशोरी के मुखारविंद से हुई अमृत वर्षा

जालंधर (अरोड़ा) :- श्री कष्ट निवारण बालाजी सेवा परिवार की ओर से शहर के बीचों-बीच पटेल चौंक स्थित साईं दास स्कूल की ग्राउंड में आयोजित सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री भगवंत मान की बहन मनप्रीत कौर, पुलिस कमिश्नर घनप्रीत कौर, विधायक रमन अरोड़ा, मेयर वनीत धीर और पूर्व विधायक केडी भंडारी, सौरभ सेठ, महेश मुखीजा, राहुल बाहरी ने किया। कथा का आगाज श्रीमद्भागवत को आरती पूजा के साथ हुआ। विश्व ख्यात कथा वाचक जया किशोरी जी ने राधे-राधे जालंधर कहकर कथा की शुरुआत की। भागवत सुनने वाले भाग्यशाली होते हैं और जिन पर भगवान की कृपा होती है वे ही सुनने आते हैं। उन्होंने कहां की भगवान की सीखें जिंदगी को तार सकती है। भगवान जानने की नहीं मानने की चीज है। युवाओं को अधिक से अधिक कथा श्रवण करना चाहिए, क्योंकि इससे धर्म, ज्ञान और आध्यात्म सभी एक साथ हो जाते है। पढना है, तो हमारे शास्त्र पढिए।

शास्त्र में पूजा पाठ नहीं, जिंदगी जीना सिखाया गया है। आज के युवाओं के लिए आध्यात्म ज्यादा जरूरी है, क्योकि कॉम्पीटिशन बहुत हो गया है। कलयुग में यदि कोई कल्याण कर सकता है, तो वह श्रीमद् भागवत कथा ही है। श्रीमद् भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का शुभारंभकरते हुए प्रसिद्ध कथावाचक सुश्री जया किशोरी जी ने कही। पहले दिन जया किशोरी जी ने कहा कि हर व्यक्ति अर्जुन है। उसके दिमाग में रोज एक महाभारत का युद्ध हो रहा है और वह अपने कृष्ण को ढूंढ रहा है। लेकिन कृष्ण को ढूंढने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि वह गीता जी के रूप में आपके घर में बैठे है, विडंबना है कि हम उन्हे खोलते नहीं है। बच्चों को बचपन से आध्यात्म की सीख दी जानी चाहिए। मोबाइल से बच्चों को भगवान की कथाएं सुनाएं, क्योंकि इसमें कहानी, मनोरंजन, सीख और धर्म सब कुछ है। दुख-सुख जिंदगी में लगे रहते है। लेकिन दुख में सुखी रहने लग जाओं, तो समझ लेना की भक्त बन गए हो।

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