सरबत सेहत बीमा योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का अधिक से अधिक लाभ सुनिश्चित किया जाए: डिप्टी कमिश्नर

जिले में स्वास्थ्य देखभाल पहल की प्रगति की समीक्षा की, और सुधार के लिए लक्ष्य निर्धारित किए
राष्ट्रीय टी.बी उन्मूलन प्रोग्राम के तहत 2.84 लाख अतिसंवेदनशील आबादी की जाएगी जांच
डॉक्टरों से नशामुक्ति केंद्रों के मरीजों के साथ बातचीत के माध्यम से नशे के पक्ष से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा

जालंधर (अरोड़ा) :- डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने आज स्वास्थ्य विभाग को सरबत सेहत बीमा योजना के तहत अधिक से अधिक लाभ प्रदान करने का निर्देश दिया ताकि लोग इस योजना के तहत मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें। डिप्टी कमिश्नर सहायक कमिश्नर सुनील फोगट, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर बुद्धि राज सिंह, सिविल सर्जन डा. गुरमीत ने जिले में चल रहे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को योजना के तहत उपलब्ध सेवाओं 63 सूचीबद्ध अस्पतालों में ही ढंग से प्रदर्शित करने को कहा एनआईसी की वेबसाइट पर स्वास्थ्य देखभाल संस्थानों की सूची को अपडेट किया जाए। बता दें कि इस योजना के तहत जिले में 2,76,655 लाभार्थियों को कवर किया जा चुका है। इस योजना के तहत 5 लाख रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती है। उन्होंने डॉक्टरों से अधिक से अधिक लाभार्थियों को कवर करके इस योजना को जालंधर में बड़ी सफलता बनाने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा। राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा चिह्नित 2.84 लाख अतिसंवेदनशील आबादी में से 86,585 व्यक्तियों की जांच की गई है।उन्होंने कहा कि जांच के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा मरीजों का उचित इलाज सुनिश्चित किया जाएगा।

डिप्टी कमिश्नर ने जिले के नशामुक्ति प्रोग्राम की समीक्षा करते हुए कहा कि 22 केंद्रों पर 1777 ओपीडी मरीजों का इलाज किया गया है और 274 को आगे की देखभाल के लिए भर्ती किया गया है। उन्होंने डॉक्टरों से नशीली दवाओं से प्रभावित मरीजों के साथ बातचीत करने को भी कहा ताकि नशीली दवाओं के प्रति संवेदनशील स्थानों की एक सूची तैयार की जा सके, जो नशा विरोधी उपायों में भी मददगार होगी। डा. अग्रवाल ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए पी.एन.डी.टी. एक्ट को सख्ती से लागू करने पर भी जोर दिया उन्होंने कहा कि जिले में ऐसे मामलों पर जीरो टॉलरेंस का जिक्र करते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कैनिंग सेंटरों में 588 से अधिक निरीक्षण करने की बात कही और एक सेंटर को कमियों के लिए नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने आम आदमी क्लीनिकों में डॉक्टरों, दवाओं और अन्य आवश्यक उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करके स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश भी दिए। आखिरकार डिप्टी कमिश्नर की अध्यक्षता वाली रोगी कल्याण समिति ने सिविल अस्पताल के लिए चारदीवारी का निर्माण, सीसीटीवी कैमरे लगाने और कई विकास कार्यों को मंजूरी दी ।

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