स्वामी संत दास पब्लिक स्कूल, जालंधर के प्रांगण में आयोजित 39वें वार्षिकोत्सव में जीवन प्रबंधन गुरु पंडित विजय शंकर मेहता रहे मुख्यातिथि

जालंधर/अरोड़ा – स्वामी संत दास पब्लिक स्कूल, जालंधर ने “रिवाइरिंग द अर्थ” विषय पर 39वां वार्षिक उत्सव मनाया। अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी शांतानंद जी महाराज ने दिव्य आभा के साथ इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की एवं प्रख्यात आध्यात्मिक शिक्षक, लेखक और वक्ता पंडित विजय शंकर मेहता ने अपनी उपस्थिति से इस अवसर की शोभा बढ़ाई। प्रबंधन के सदस्य बाबा रामदास जी, बाबा चरणदास जी, दिव्यानंद जी, डॉ. अजीत सिंह राजपाल, वाई.एस. प्रुथी, आर.एस. कालरा, टी.पी.कौर, कमलजीत कौर, अंजू मेहता और प्रिंसिपल डॉ. सोनिया मागो ने मुख्य अतिथि का पुष्प मालाओं से स्वागत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन समारोह के साथ हुई और उसके बाद स्कूल शबद का आयोजन किया गया। मंच पर भगवान विष्णु के 10 अवतारों का चित्रण करते हुए दशावतारम् पर मधुर आध्यात्मिक मंत्रोच्चार और नृत्य का आयोजन किया गया था। आर्यभट्ट से लेकर पाइथागोरस तक के प्रसिद्ध गणितज्ञों को चित्रित करते व्यावहारिक गणितीय नृत्य, जिसका शीर्षक ‘जीरो टू इनफिनिटी’ था, ने सभी को आश्वस्त किया कि गणित से डरने की कोई बात नहीं है।

प्रधानाचार्या डॉ. सोनिया मागो ने स्कूल की रिपोर्ट पढ़ी, जिसमें शैक्षणिक, पाठ्येतर गतिविधियों और खेल जगत में स्कूल की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि पंडित विजय शंकर मेहता ने विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्टता हासिल करने वाले छात्रों को पुरस्कार प्रदान किए। भाई वीर सिंह सदन को वर्ष का सर्वश्रेष्ठ सदन घोषित किया गया। अंधविश्वास समाज को विकृत करता है और मानव जाति की प्रगति में बाधा डालता है, इन्हीं विचारों को दर्शाते अंग्रेज़ी नाटक ‘द आर्क ऑफ अवेकनिंग’ का चित्रण करते हुए तर्क और कारण को स्वीकार करने के लिए अंध विश्वास को त्यागने का संदेश प्रस्तुत किया गया। 2050 की कल्पना करते हुए छात्रों ने वर्तमान परिदृश्य को सुपरइम्पोज़ करते हुए एआई के साथ एक पूरी नई दुनिया प्रस्तुत की।दस्तूर-ए-ज़िंदगी, पंजाबी नाटक में दिखाया गया कि अपनी जड़ों, संस्कृति और रिश्तों को महत्व देना कितना महत्वपूर्ण है।

मुख्य अतिथि, पंडित विजय शंकर मेहता ने दर्शकों को संबोधित किया और पुरस्कार विजेताओं एवं प्रतिभागियों को शानदार प्रदर्शन के लिए बधाई दी।एस डी जी को दर्शाती कोरियोग्राफी भी सुर्खियों में रही। संगीत एवं नृत्य के माध्यम से सभी सतत विकास लक्ष्यों को दिखाया गया।

वार, बोलियों और गिद्धा ने सबका दिल जीत लिया और दर्शकों को ढोल की थाप पर थिरकने पर मजबूर कर दिया।अध्यक्ष महामंडलेश्वर स्वामी शांतानंद जी महाराज ने सभी को बधाई दी तथा आशीर्वाद दिया ।स्कूल के हेडबॉय प्रभजोत सिंह ने उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद किया एवं कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान की देशभक्तिपूर्ण धुन के साथ हुआ।

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