डी.ए.वी. कॉलेज जालन्धर के इको क्लब ने सी.डी.सी., जी.एन.डी.यू. एवं पी.एस.सी.एस.टी. के सहयोग से सर्कुलर इकोनॉमी वर्कशॉप आयोजित की

जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर के इको क्लब द्वारा शिव देवी गर्ल्स हाई स्कूल, जालंधर में सर्कुलर इकोनॉमी वर्कशॉप एवं सतत जीवनशैली को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दो समानांतर व्यावहारिक कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। ‘प्याज के छिलकों से प्राकृतिक रंगाई’ तथा ‘छिलके से उपयोगी उत्पाद : तरबूज के छिलकों से टूटी-फ्रूटी निर्माण’ विषयक इन कार्यशालाओं का आयोजन पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया। इन कार्यशालाओं के आयोजन के लिए भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अंतर्गत पंजाब राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद् (पी.एस.सी.एस.टी.), चंडीगढ़ तथा गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर की महाविद्यालय विकास परिषद् (सी.डी.सी.) द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया। कार्यशाला में डॉ. कोमल अरोड़ा, विभागाध्यक्ष, वनस्पति विज्ञान विभाग एवं इको क्लब समन्वयक तथा डॉ. लवलीन, सहायक प्राध्यापक, वनस्पति विज्ञान विभाग एवं कार्यक्रम समन्वयक, स्रोत-विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहीं। कुल 74 विद्यार्थियों ने प्याज के छिलकों से प्राकृतिक रंग तैयार करने तथा तरबूज के छिलकों से टूटी-फ्रूटी बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को इन प्रक्रियाओं के पीछे निहित वैज्ञानिक एवं रासायनिक सिद्धांतों की भी जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल प्रक्रियाओं का अनुसरण करवाना ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन में घटित होने वाली विभिन्न घटनाओं के पीछे कार्यरत विज्ञान को समझने के लिए प्रेरित करना था। इस प्रकार की अनुभवात्मक शिक्षा विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, व्यावहारिक कौशल एवं समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने के साथ-साथ शैक्षणिक ज्ञान और उद्योग जगत की आवश्यकताओं के बीच की दूरी को कम करने में भी सहायक सिद्ध होती है। डॉ. कोमल अरोड़ा ने कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार एवं उप-प्राचार्य डॉ. कुँवर राजीव के मार्गदर्शन एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने शिव देवी गर्ल्स हाई स्कूल के प्राचार्य का कार्यशाला आयोजित करने की अनुमति प्रदान करने तथा डी.ए.वी. कॉलेज के खाद्य विज्ञान विभाग का आवश्यक सहयोग देने के लिए भी धन्यवाद किया। स्रोत-विशेषज्ञों को बी.एससी. मेडिकल की छात्रा स्वयंसेविकाओं सुश्री काव्या एवं उपासना तथा बी.एससी. खाद्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की छात्राओं महक एवं प्रतिष्ठा ने सहयोग प्रदान किया। छात्राओं ने व्यावहारिक सत्रों के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का समापन प्रमाण-पत्र वितरण समारोह तथा विद्यार्थियों के प्रतिक्रिया सत्र के साथ हुआ। विद्यार्थियों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए इसमें प्राप्त व्यावहारिक अनुभव को अपने दैनिक जीवन तथा भविष्य के अध्ययन में उपयोगी बताया।

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