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सीटी ग्रुप शाहपुर में ‘मंटो दे अफसाने’ के जरिए सार्थक थिएटर की झलक देखने को मिली

जालंधर (अरोड़ा) :- आज के समय में जब पहचान, सामाजिक सौहार्द, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मानव गरिमा जैसे मुद्दे समाज को प्रभावित कर रहे हैं, ऐसे में सीटी ग्रुप में ‘मंटो दे अफसाने’ नामक एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति देखने को मिली। यह प्रस्तुति मस्ताने थिएटर ग्रुप द्वारा तैयार की गई और इसमें मशहूर लेखक सआदत हसन मंटो की कालजयी कहानियों को मंच पर जीवंत किया गया। मंटो को भारतीय उपमहाद्वीप के महानतम लेखकों में गिना जाता है। उन्होंने विभाजन के दौर की सच्चाइयों को बेबाकी से प्रस्तुत किया और नफरत, हिंसा, विस्थापन और इंसानियत के टूटते मूल्यों को उजागर किया।

उनकी कहानियां समाज की सच्चाई को सामने लाती हैं और हमें सोचने पर मजबूर करती हैं। ‘मंटो दे अफसाने’ के माध्यम से इन्हीं विचारों को फिर से मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है, ताकि दर्शक संवेदनशीलता, न्याय और इंसानियत के महत्व को समझ सकें। थिएटर केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह इतिहास को संजोने, सोच को जागृत करने और समाज में बदलाव लाने का एक सशक्त साधन है। इसी सोच के साथ सीटी ग्रुप साहित्य और कला को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इस नाटक का निर्देशन अक्स मेहराज और सोनी ढिल्लों ने किया है। इसमें दमदार अभिनय, प्रभावशाली प्रस्तुति और सशक्त मंचन के जरिए मंटो की कहानियों को जीवंत बनाया गया है। नाटक में सांप्रदायिक तनाव, महिला मुद्दे, नैतिकता, विस्थापन और इंसानियत जैसे विषयों को दर्शाया गया है। इस प्रस्तुति में जसप्रीत कौर, अमनदीप कौर, सुखजीत कौर, फिरदौस यासमीन, परनीत कौर, पुनीत कौर, रमनजोत कौर, काबिल, दिलवरजोत सिंह, रोहित सहित कई कलाकार शामिल हैं।

संगीत अमनदीप ने तैयार किया है, वेशभूषा में बंसी कौर और मोंगा जनरल स्टोर का सहयोग रहा है, जबकि मेकअप सिमरन गिल ने किया है। सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) मनबीर सिंह ने कहा, “मंटो की सबसे बड़ी खासियत उनकी सच्चाई बोलने की हिम्मत और इंसानियत में उनका विश्वास है। इस नाटक के जरिए हम युवाओं को ऐसी साहित्यिक रचनाओं से जोड़ना चाहते हैं जो उन्हें सोचने और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करें।” वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह ने कहा, “थिएटर के माध्यम से इतिहास और साहित्य को जीवंत बनाया जा सकता है। ‘मंटो दे अफसाने’ दर्शकों को मंटो की सोच और उनके संदेश से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।” ‘मंटो दे अफसाने’ के जरिए सीटी ग्रुप ने एक बार फिर यह साबित किया है कि सार्थक थिएटर शिक्षा का अहम हिस्सा है, जो समाज को सोचने, समझने और बेहतर बनाने में मदद करता है।

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