सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस का तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट सेमिनार सफलतापूर्वक संपन्न

जालंधर (अजय छाबड़ा) :- सेंट सोल्जर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा शिक्षण उत्कृष्टता को बढ़ावा देने तथा शिक्षकों को आधुनिक शैक्षणिक उपकरणों एवं नवीन शिक्षण पद्धतियों से सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट सेमिनार का तीसरा एवं अंतिम दिन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सेमिनार के तीसरे दिन का मुख्य आकर्षण “विद्यार्थियों के बेहतर विकास हेतु कक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग” विषय पर आयोजित एक ज्ञानवर्धक एवं अत्यंत संवादात्मक कार्यशाला रही। इस कार्यशाला का संचालन प्रख्यात शिक्षाविद् एवं एआई विशेषज्ञ डॉ. धीरज मेहरोत्रा ने किया।

उन्होंने शिक्षकों को बताया कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करके विद्यार्थियों के लिए अधिक प्रभावी, व्यक्तिगत एवं रोचक शिक्षण वातावरण तैयार किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान डॉ. मेहरोत्रा ने शिक्षकों को व्यावहारिक प्रदर्शनों, लाइव उदाहरणों तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सक्रिय रूप से सहभागिता करवाई। उन्होंने एआई आधारित नवीन शिक्षण तकनीकों से परिचित करवाते हुए बताया कि शिक्षक किस प्रकार एआई टूल्स की सहायता से पाठ योजना, शैक्षणिक सामग्री निर्माण, विद्यार्थियों के मूल्यांकन तथा कक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बना सकते हैं। कार्यशाला का एक प्रमुख आकर्षण माइंड मैपिंग तकनीक रही, जिसके माध्यम से शिक्षकों ने जानकारी को रचनात्मक एवं व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने के नए तरीकों को समझा। इसके अतिरिक्त शिक्षकों को प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग का प्रशिक्षण भी दिया गया, जो वर्तमान समय में एक महत्वपूर्ण कौशल के रूप में उभर रहा है। इसके माध्यम से उपयोगकर्ता एआई प्लेटफॉर्म्स के साथ प्रभावी संवाद स्थापित कर सटीक, सार्थक एवं शैक्षणिक दृष्टि से उपयोगी परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की तथा अनेक व्यावहारिक जानकारियाँ प्राप्त कीं, जिन्हें वे अपने कक्षाओं में तुरंत लागू कर सकते हैं। ग्रुप की चेयरपर्सन संगीता चोपड़ा ने शिक्षकों की उत्साहपूर्ण भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि सेंट सोल्जर ग्रुप अपने शिक्षकों के निरंतर व्यावसायिक विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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