ईस्टवुड विलेज में परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार का आरोप, महिलाओं और बच्चों के सामने दो पुरुष सदस्यों को प्रवेश से रोके जाने पर विवाद
जालंधर, 16 जून।
जालंधर स्थित ईस्टवुड विलेज में एक परिवार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। परिवार ने आरोप लगाया है कि परिसर में भोजन करने और समय बिताने पहुंचे सात सदस्यों को उस समय अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा, जब परिवार के दो पुरुष सदस्यों को दोबारा प्रवेश देने से कथित रूप से इंकार कर दिया गया, जबकि उनकी पत्नी, अन्य महिलाएं और नाबालिग बच्चे परिसर के अंदर मौजूद थे।
परिवार के अनुसार, सभी सदस्य सामान्य रूप से ईस्टवुड विलेज पहुंचे थे और परिसर में घूमने के बाद भोजन के लिए बैठ गए। परिवार द्वारा भोजन का ऑर्डर भी दिया जा चुका था तथा कुछ ही देर में भोजन टेबल पर पहुंच गया था। इसी दौरान परिवार के दो पुरुष सदस्य छोटे बच्चे के लिए आवश्यक सामान खरीदने के उद्देश्य से कुछ समय के लिए परिसर से बाहर चले गए, जबकि परिवार की महिलाएं और बच्चे अंदर ही मौजूद रहे।
परिवार का आरोप है कि जब दोनों पुरुष सदस्य वापस लौटे तो मुख्य प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और बाउंसरों ने उन्हें अंदर प्रवेश करने से रोक दिया। संबंधित व्यक्तियों ने कर्मचारियों को बताया कि उनका पूरा परिवार अभी भी अंदर मौजूद है, भोजन का ऑर्डर दिया जा चुका है और खाना भी टेबल पर पहुंच चुका है। इसके बावजूद उन्हें दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
परिवार का कहना है कि दोनों पुरुष सदस्यों ने सुरक्षा कर्मियों से कई बार विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया और स्थिति की गंभीरता समझाने का प्रयास किया। परिवार के अनुसार, प्रवेश द्वार पर मौजूद एक बाउंसर, जिसकी पहचान परिवार ने संदीप के रूप में की है, को स्पष्ट रूप से बताया गया कि उनकी पत्नी, महिलाएं और नाबालिग बच्चे परिसर के अंदर अकेले मौजूद हैं। परिवार का दावा है कि उन्होंने कर्मचारियों से यह भी पूछा कि यदि अंदर मौजूद महिलाओं या बच्चों के साथ किसी प्रकार की अप्रिय घटना, दुर्व्यवहार या आपात स्थिति उत्पन्न हो जाती है तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। परिवार का आरोप है कि उनकी इस चिंता के बावजूद कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया और उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली।
परिवार के अनुसार, दोनों पुरुष सदस्यों ने बार-बार यह अनुरोध किया कि उन्हें अपने परिवार के पास जाने दिया जाए, क्योंकि महिलाएं और बच्चे भोजन के लिए अंदर बैठे हुए थे। परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद उन्हें उनके परिवार के पास जाने की अनुमति नहीं दी गई और उन्हें प्रवेश द्वार के बाहर ही खड़ा रखा गया।
स्थिति को देखते हुए संबंधित व्यक्ति की पत्नी भी अंदर से बाहर आकर कर्मचारियों से बातचीत करने पहुंची। परिवार का दावा है कि उन्होंने भी सुरक्षा कर्मियों से अनुरोध किया कि उनके पति और अन्य पुरुष सदस्य को अंदर आने दिया जाए ताकि पूरा परिवार एक साथ बैठकर भोजन कर सके। हालांकि परिवार का आरोप है कि उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें वापस जाने के लिए कहा गया और समस्या का कोई समाधान नहीं निकाला गया।
परिवार का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनके छोटे बच्चे और अन्य सदस्य मानसिक रूप से परेशान हो गए। महिलाओं और बच्चों को अंदर तथा परिवार के दो पुरुष सदस्यों को बाहर रखने की स्थिति ने पूरे परिवार को असहज कर दिया। परिवार का आरोप है कि उन्हें अपने ही परिवार के सदस्यों से मिलने और उनके पास जाने तक की अनुमति नहीं दी गई, जबकि भोजन पहले ही परोसा जा चुका था।
परिवार ने कई गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि परिसर में दोबारा प्रवेश की अनुमति नहीं थी तो बाहर जाने वाले व्यक्तियों को पहले इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि जब परिसर के भीतर स्थित प्रतिष्ठान और दुकानें सामान्य रूप से संचालित हो रही थीं तथा भोजन के ऑर्डर लिए जा रहे थे, तब परिवार के दो पुरुष सदस्यों को बाहर रोकने का औचित्य क्या था।
परिवार का कहना है कि यदि प्रवेश प्रतिबंधित था तो महिलाओं और बच्चों को अंदर तथा परिवार के पुरुष सदस्यों को बाहर रखने का निर्णय समझ से परे है। परिवार ने यह भी प्रश्न उठाया कि यदि परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं थी तो दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खुला क्यों रखा गया तथा ग्राहकों से भोजन के ऑर्डर क्यों लिए जा रहे थे।
परिवार के अनुसार, उनका उद्देश्य किसी नियम का उल्लंघन करना नहीं था, बल्कि केवल अपने परिवार के पास वापस पहुंचना था। उनका आरोप है कि कर्मचारियों ने परिस्थिति की संवेदनशीलता को समझने के बजाय कठोर रवैया अपनाया, जिससे पूरे परिवार को मानसिक परेशानी, असुविधा और सार्वजनिक रूप से अपमानित होने की भावना का सामना करना पड़ा।
पीड़ित परिवार ने ईस्टवुड विलेज प्रबंधन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना के दौरान तैनात कर्मचारियों एवं सुरक्षा कर्मियों की भूमिका की समीक्षा करने तथा भविष्य में किसी अन्य परिवार के साथ ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।
परिवार का कहना है कि किसी भी प्रतिष्ठान की प्रतिष्ठा केवल उसकी सुविधाओं से नहीं, बल्कि ग्राहकों के प्रति उसके व्यवहार से भी तय होती है। ऐसे में ग्राहकों के साथ सम्मानजनक, संवेदनशील और जिम्मेदार व्यवहार सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।
समाचार लिखे जाने तक ईस्टवुड विलेज प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। प्रबंधन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
Jiwanjot Savera