जालंधर (अरोड़ा) – भीषण गर्मी के इस मौसम में जहां दोपहर और शाम के वक्त सूरज की तपिश के कारण बच्चों का घरों से बाहर निकलना दूभर हो गया है, वहीं जालंधर के बस्ती शेख क्षेत्र से एक बेहद सकारात्मक और सराहनीय खबर सामने आई है। स्थानीय बच्चों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए समाजसेवी और जननेता किशन मिनिया ने बस्ती शेख के प्रसिद्ध दशहरा ग्राउंड में बड़ी फ्लड लाइट्स (हाई-मास्ट लाइटें) लगवाने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
इस बेहतरीन पहल के बाद अब तीन अलग-अलग वार्डों के बच्चे दिन की तपती धूप और लू से बचकर, रात के ठंडे और खुशनुमा माहौल में आसानी से क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेल खेल सकेंगे।
भीषण गर्मी और बच्चों की परेशानी
मई के इस महीने में तापमान लगातार आसमान छू रहा है। दोपहर और शाम के वक्त अत्यधिक गर्मी के कारण बच्चों का खेलकूद और शारीरिक गतिविधियां पूरी तरह से प्रभावित हो रही थीं। माता-पिता भी स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से बच्चों को भारी दोपहर या उमस भरी शाम में बाहर भेजने से कतराते थे। ऐसे में बच्चों के पास खेलकूद के लिए कोई उचित समय नहीं बच रहा था।
बस्ती शेख के इस दशहरा ग्राउंड में रोजाना सैकड़ों बच्चे खेलने आते हैं, लेकिन मौसम के मिजाज ने उनके खेल पर ब्रेक लगा दिया था। इस समस्या को देखते हुए मैदान में खेलने वाले बच्चों ने एकजुट होकर अपनी परेशानी स्थानीय नेता किशन मिनिया के समक्ष रखी और मांग की कि यदि ग्राउंड में लाइटों की व्यवस्था हो जाए, तो वे रात को खेल सकते हैं।
किशन मिनिया का त्वरित एक्शन और सराहनीय कार्य
बच्चों की इस मासूम और जायज मांग को किशन मिनिया ने न केवल गंभीरता से लिया, बल्कि बिना किसी देरी के इस पर काम भी शुरू करवा दिया। उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेते हुए दशहरा ग्राउंड के चारों ओर आधुनिक और शक्तिशाली बड़ी लाइटें इंस्टॉल करवा दी हैं।
दिन जैसा उजाला: इन लाइटों के लगने से पूरा ग्राउंड दूधिया रोशनी से सराबोर हो उठा है। अब रात के समय भी मैदान में दिन जैसा नजारा रहता है।
सुरक्षित माहौल: रोशनी की उचित व्यवस्था होने से बच्चों को खेलने में किसी भी प्रकार की असुविधा या चोट लगने का डर नहीं रहता।
तीन वार्डों के सैकड़ों बच्चों को मिलेगा सीधा लाभ
यह दशहरा ग्राउंड केवल एक वार्ड तक सीमित नहीं है। अपनी केंद्रीय भौगोलिक स्थिति के कारण यहां आसपास के कुल तीन वार्डों के बच्चे और युवा खेलने के लिए इकट्ठा होते हैं। बड़ी लाइटें लग जाने से इन तीनों वार्डों के लगभग 500 से अधिक बच्चों को सीधा लाभ मिला है। ग्राउंड में रोशनी होने के बाद अब रात 8 बजे से लेकर देर रात तक बच्चे सुरक्षित माहौल में खेल का आनंद ले रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है:
“इस पहल से न केवल बच्चों को खेलने का मौका मिला है, बल्कि रात के समय मैदान में अंधेरा रहने के कारण जो असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होने का डर बना रहता था, वह भी अब पूरी तरह खत्म हो गया है। रोशनी होने से पूरा इलाका सुरक्षित और जीवंत हो गया है।”
बच्चों और अभिभावकों में खुशी की लहर
लाइटें चालू होने के बाद मैदान में पहुंचे बच्चों के चेहरों पर रौनक और खुशी साफ देखी जा सकती थी। बच्चों ने किशन मिनिया का धन्यवाद करते हुए कहा, “गर्मी के कारण हम कई दिनों से खेल नहीं पा रहे थे, लेकिन अब रात को खेलने में बहुत मजा आता है। किशन अंकल ने हमारी मांग को बहुत जल्दी पूरा कर दिया।”
वहीं, स्थानीय बुजुर्गों और अभिभावकों ने भी इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि किशन मिनिया हमेशा समाज के हर वर्ग की जरूरतों को समझते हैं और बच्चों के मानसिक व शारीरिक विकास के लिए उठाया गया यह कदम वाकई काबिले-तारीफ है। निश्चित रूप से, यह कार्य स्थानीय स्तर पर समाजसेवा की एक बेहतरीन मिसाल है।


Jiwanjot Savera