फगवाड़ा/अरोड़ा – मोहन लाल उप्पल डी.ए.वी. कॉलेज, फगवाड़ा में विरासत और ऐतिहासिक महत्व वाले त्योहारों—वैसाखी, खालसा पंथ की स्थापना, जलियांवाला बाग के शहीदी साका तथा भारत रत्न डॉ. बी. आर. आंबेडकर जी के जन्मदिवस को समर्पित एक सेमिनार आयोजित किया गया।
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. किरणजीत रंधावा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके समृद्ध विरसे और महान व्यक्तित्वों की शिक्षाओं से जोड़ना था। सेमिनार में विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत जोशीली कविताओं और भावपूर्ण भाषणों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
सेमिनार के दौरान 1699 ई. में वैसाखी के दिन खालसा पंथ की स्थापना के क्रांतिकारी इतिहास पर गंभीर चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने जहां जलियांवाला बाग के शहीदों की बेमिसाल कुर्बानी को याद किया, वहीं भारतीय संविधान के निर्माता डॉ. बी. आर. आंबेडकर जी के समानता, न्याय और शिक्षा के दर्शन पर विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने इन ऐतिहासिक दिनों को वर्तमान संदर्भ में प्रस्तुत करते हुए सामाजिक परिवर्तन के विचार भी साझा किए।
इस अवसर पर विचार व्यक्त करते हुए प्रिंसिपल डॉ. किरणजीत रंधावा ने कहा कि वैसाखी मानव स्वतंत्रता और अत्याचार के विरुद्ध एक सशक्त आवाज का प्रतीक है। यह किसानों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, क्योंकि इस समय रबी की फसल पककर तैयार होती है, इसलिए यह खुशी, मेहनत के फल और कटाई का त्योहार भी है।
डॉ. आंबेडकर जी का “पढ़ो, जुड़ो और संघर्ष करो” का संदेश आज के युवाओं के लिए सफलता का मूल मंत्र है।
कार्यक्रम के अंत में प्रिंसिपल डॉ. रंधावा ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सेमिनार युवाओं में नैतिक मूल्यों का विकास करने में सहायक होते हैं तथा उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीने और समाज को बेहतर बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।
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