डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को नशे के खिलाफ व्यापक एक्शन प्लान तैयार करने के दिए निर्देश

नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने पर दिया जोर
कहा- कोई भी केमिस्ट डॉक्टर की पर्ची के बिना सिरिंज की बिक्री नहीं करेगा, हिदायतों की उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई

जालंधर (अरोड़ा) :- पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ पहलकदमी के तहत डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने जालंधर को पूरी तरह नशा मुक्त बनाने के लिए अधिकारियों को 31 मार्च तक नशे के खिलाफ व्यापक एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। आज यहां जिला प्रशासकीय कॉम्प्लेक्स में डिप्टी कमिश्नर ने एस.एस.पी. जालंधर (देहाती) हरविंदर सिंह विर्क, डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस मनप्रीत सिंह ढिल्लों और सहायक कमिश्नर (यू.टी.) मुकिलन आर सहित नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) मैकेनिज्म बैठक करते नशे के खिलाफ अभियान को और मजबूत करने पर जोर दिया। मुख्य मंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की नशे को जड़ से खत्म करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डिप्टी कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नशे के खिलाफ प्रभावी योजना में रोकथाम, जागरूकता और पुनर्वास के सभी पहलू शामिल किए जाएं, ताकि इस समस्या से हर स्तर पर अधिक असरदार ढंग से निपटा जा सके। जागरूकता अभियान को लगातार जारी रखने की हिदायत देते हुए डा. अग्रवाल ने कहा कि शैक्षणिक संस्थाओं में जागरूकता गतिविधियों को और मजबूत किया जाए। उन्होंने शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों में चल रही जागरूकता गतिविधियों के साथ-साथ पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से सैमिनार भी आयोजित किए जाए। इसके अलावा ड्रॉप-आउट विद्यार्थियों, जो नशों की लत का शिकार होने की अधिक संभावना रखते है, पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए उन्हें पुनः शिक्षा प्रणाली से जोड़ा जाए। उन्होंने स्कूलों में पुलिस और फौज में भर्ती संबंधी जानकारी तथा मापदंड प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए, ताकि विद्यार्थियों को शारीरिक फिटनेस की अहमियत के बारे में जागरूक किया जा सके। डिप्टी कमिश्नर ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को सख्त निर्देश दिए कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी केमिस्ट डॉक्टर की पर्ची के बिना किसी भी व्यक्ति को सिरिंज की बिक्री न करे। उन्होंने कहा कि यदि कोई केमिस्ट इन हिदायतों की उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ बनती सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। नशे पर निर्भर व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए किए जा रहे प्रयासों का जायजा लेते हुए डिप्टी कमिश्नर ने पुनर्वास के साथ-साथ उन्हें कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार या स्वरोजगार के योग्य बनाने पर जोर दिया, ताकि वे फिर कभी नशों की ओर न लौटें। इस दौरान डिप्टी कमिश्नर ने विभिन्न विभागों द्वारा नशों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का भी जायजा लिया। उन्होंने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नशों के खिलाफ पूरे तालमेल और एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया। बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी डा. गुरिंदरजीत कौर, जिला खेल अधिकारी गुरप्रीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

Check Also

सेंट सोल्जर कॉलेज, जालंधर में उद्यमिता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जालंधर (अजय छाबड़ा) :- सेंट सोल्जर कॉलेज (को-एजुकेशन), जालंधर द्वारा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *