फगवाड़ा/अरोड़ा –
मोहन लाल उप्पल डी.ए.वी. कॉलेजिएट स्कूल, फगवाड़ा में प्रिंसिपल डॉ. किरणजीत रंधावा के योग्य मार्गदर्शन में इको-क्लब द्वारा “अपसाइक्लिंग द वेस्ट” विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के तहत चल रहे पर्यावरण शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित की गई। इस कार्यक्रम के लिए पंजाब स्टेट काउंसिल फॉर साइंस एंड टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़ द्वारा आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया, जबकि डी.ए.वी. कॉलेज, जालंधर ने पंजाब के डी.ए.वी. स्कूलों के लिए नोडल एजेंसी के रूप में भूमिका निभाई।
यह कार्यशाला गांव सपरोड़ स्थित गुरु नानक नेत्रहीन एवं वृद्ध आश्रम में आयोजित की गई, जिसमें आश्रम के कर्मचारी और बच्चे, गांव के स्थानीय सदस्य तथा कॉलेज के विद्यार्थी भी शामिल हुए। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और बेकार सामग्री के सही एवं सार्थक उपयोग के बारे में जानकारी देना था।
इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आज के समय में बढ़ते कचरे के कारण पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में अपसाइक्लिंग जैसी गतिविधियों के माध्यम से हम न केवल पर्यावरण की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि बेकार सामग्री को नए और उपयोगी रूप में बदलकर उसकी उपयोगिता भी बढ़ा सकते हैं।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने घरेलू और आसपास मिलने वाली बेकार सामग्री जैसे प्लास्टिक की बोतलें, कागज, पुराने कपड़े, कांच, टिन तथा अन्य अनुपयोगी वस्तुओं का उपयोग करके विभिन्न उपयोगी और सजावटी वस्तुएं तैयार कीं। विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ इस गतिविधि में भाग लेते हुए अपनी रचनात्मक सोच और कला का प्रदर्शन किया।
यह गतिविधि विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभदायक, शिक्षाप्रद और प्रेरणादायक सिद्ध हुई।
JiwanJotSavera