जालंधर (अरोड़ा) :- स्नातकोत्तर इतिहास एवं राजनीति विज्ञान विभागों ने संगीत विभाग के सहयोग से जलियांवाला बाग, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब, भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) तथा अटारी-वाघा सीमा का एक-दिवसीय संयुक्त शैक्षिक भ्रमण आयोजित किया। इस भ्रमण में पैंतालीस से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनूप कुमार ने विभागों की इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा, कि इस प्रकार के शैक्षिक भ्रमण विद्यार्थियों को अमूल्य ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा देशभक्ति-परक अनुभव प्रदान करते हैं, जो कक्षा-कक्ष की सीमाओं से कहीं आगे तक उनके ज्ञान-विस्तार में सहायक होते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसी गतिविधियों में निरंतर सहभागिता करने के लिए प्रेरित किया, जिससे उनके व्यक्तित्व तथा शैक्षणिक विकास को सुदृढ़ आधार प्राप्त हो सके।



विद्यार्थियों के साथ गए संकाय प्रतिनिधिमंडल में निम्नलिखित सदस्य सम्मिलित थे –
प्रो. मनोज कुमार (विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर इतिहास विभाग)
डॉ. राजन शर्मा (प्रभारी प्राध्यापक, संगीत विभाग)
प्रो. कुलदीप खुल्लर (प्रभारी प्राध्यापक, स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान मंच)
प्रो. नीतू शर्मा (इतिहास विभाग)
इस शैक्षिक यात्रा का आरंभ जलियांवाला बाग से हुआ, जहाँ विद्यार्थियों ने स्मारक, दीवारों पर संरक्षित गोलियों के चिह्नों तथा ‘शहीदी कुएँ’ का अवलोकन किया। यह एक अत्यंत गंभीर और भावुक क्षण था, जब विद्यार्थियों ने 1919 के उस भीषण नरसंहार को स्मरण करते हुए अमर शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।



इसके उपरांत समूह सचखंड श्री हरमंदिर साहिब तथा भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) की ओर प्रस्थान किया। इन पावन स्थलों पर विद्यार्थियों ने दिव्य शांति और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव किया। वहाँ उन्होंने श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की तथा आशीर्वाद प्राप्त किया। इस यात्रा का समापन अटारी-वाघा सीमा पर हुआ। विद्यार्थियों ने वहाँ आयोजित प्रतिष्ठित ‘बीटिंग रिट्रीट’ समारोह का अवलोकन किया। देशभक्ति से ओत-प्रोत उस वातावरण ने उपस्थित सभी के हृदयों में राष्ट्रीय गौरव और उत्साह की गहन भावना का संचार कर दिया।
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