एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर में AICTE संयुक्त सौजन्य से सिस्टम्ज सेफ्टी एंड रिस्क मैनेजमेंट पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन

जालंधर (अरोड़ा) :- एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर में ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) के संयुक्त सौजन्य से डिस्टिंग्विश्ड प्रोफेशनल स्कीम के अंतर्गत सिस्टम्ज़ सेफ्टी एंड रिस्क मैनेजमेंट विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन करवाया गया। इसमें स्रोत वक्ता के रूप में डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन (DRDO)की भूतपूर्व डायरेक्टर प्रोफेसर चित्रा राजगोपाल उपस्थित हुई। डॉ नीरजा ढींगरा ने प्रोफेसर चित्रा का अभिनंदन करते हुए कहा कि हमारे लिए गौरव का विषय है कि अपने क्षेत्र में सिद्धहस्त,प्रज्ञावन, विदुषी आज हमारे मध्य अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रस्तुत है। उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर के इस ज्वलंत विषय पर आपकी गहन पकड़ निश्चित रूप से न केवल हमारे विद्यार्थियों बल्कि हमारे प्राध्यापक वृंद को भी लाभान्वित करेगी। डॉ ढींगरा ने कहा कि एपीजे सत्या शिक्षण संस्थाएं अपने संस्थापक अध्यक्ष डॉ सत्यपाॅल जी जो प्रख्यात उद्यमी, श्रेष्ठ शिक्षाविद,स्वतंत्रता सेनानी एवं जनहितैषी थे उनकी प्रेरणा, मार्गदर्शन एवं परिकल्पना से निरंतर बुलंदियों को स्पर्श कर रहीं हैं। डॉ सत्यपाॅल जी की इस गौरवशाली विरासत को एपीजे सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप एवं एपीजे एजुकेशन की अध्यक्ष तथा एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी की चांसलर उनकी सुपुत्री सुषमा पाॅल बर्लिया एवं उनकी सुपुत्री कोओनर एंड डायरेक्टर फैमिली बिज़नेस बोर्ड एपीजे सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप, लीड एजुकेशन वर्टिकल ऑफिस बियरर एपीजे एजुकेशन डॉ नेहा बर्लिया बड़ी तन्मयता एवं सफलता के साथ आगे बढ़ा रही हैं।

प्रोफेसर चित्रा राजगोपाल ने सिस्टम्ज सेफ्टी एंड रिस्क मैनेजमेंट पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन का मुख्य काम भारतीय सशस्त्र बलों के लिए अत्याधुनिक हथियारों, मिसाइलों, रडार, और अन्य सैन्य उपकरणों का स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकास करना है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में अनुसंधान करने का हमारा मुख्य उद्देश्य यह रहता है की कम से कम संसाधनों में हमने सुरक्षा उपकरणों का कैसे अधिकतर प्रयोग करना है। प्रोफेसर चित्रा ने विस्फोटकों से सुरक्षा करने के कई वीडियो भी दिखाएं,सेफ्टी मानदंडो के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसी बिल्डिंग में अगर बम विस्फोट होता है तो किसी तरह ऐसे सुरक्षा उपकरण बनाए जाए कि जिससे पूरी बिल्डिंग को नुकसान न पहुंचे और उसे बिल्डिंग में बैठे हुए लोग भी सुरक्षित रह सके। डॉ रुपाली सूद ने सिस्टम सेफ्टी एंड रिस्क मैनेजमेंट पर अपने विचारों को विस्तृत रूप से व्यक्त करने के लिए प्रोफेसर चित्रा का आभार व्यक्त किया। डॉ नीरजा ढींगरा ने अतिथि व्याख्यान के सफल आयोजन के लिए डॉ रूपाली सूद एवं डॉ मोनिका मोगला के प्रयासों की भरपूर सराहना की।

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