जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय, जालंधर में प्राचार्या डॉ. एकता खोसला के कुशल नेतृत्व एवं पीजी पंजाबी विभाग की अध्यक्ष डॉ. नवरूप के मार्गदर्शन में पंजाबी साहित्य सभा द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस अवसर पर मातृभाषा दिवस को समर्पित कविता उच्चारण एवं पंजाबी मुहावरा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें लगभग 130 छात्राओं ने भाग लिया। छात्राओं ने पंजाबी मातृभाषा के महत्व को दर्शाते हुए कविताओं के माध्यम से अपनी भावनाएं अभिव्यक्त की। इसके साथ छात्राओं की भाषाई दक्षता को प्रकट करने हेतु पंजाबी मुहावरा प्रतियोगिता भी करवाई गई। प्राचार्या डॉ. एकता खोसला ने कहा कि पंजाबी मातृभाषा हमारी पहचान है और हमें अपनी भाषा को गर्व एवं सम्मान के साथ बोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाषा ने देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने छात्राओं और अध्यापकों को अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुहावरे और वाक्यांश भाषा की शोभा बढ़ाते हैं तथा इसमे विद्वानों के अनुभव समाहित होते हैं। उन्होंने पंजाबी विभाग के इस प्रयास की सराहना की। डॉ. नवरूप ने कहा कि मातृभाषा का शुद्ध उच्चारण और इसका प्रयोग ही इसे जीवित बनाए रखता है। हमें अपनी भाषा को भूलना नहीं चाहिए, बल्कि उसके विकास के लिए निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। श्रीमती कुलजीत कौर ने छात्राओं को मातृभाषा दिवस की बधाई दी और ऐसे आयोजनों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। प्रतियोगिता में तन्वी ने प्रथम, हरपिंदर कौर ने द्वितीय, मनसुख सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। परमिंदर कौर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। पंजाबी मातृभाषा साहित्य एवं संस्कृति के प्रति समर्पित छात्राओं नैन्सी, सिमरन कौर, शरणजीत कौर, हर्षदीप कौर और हिमांशी को भी सम्मानित किया गया। पंजाबी साहित्य सभा की इंचार्ज डॉ. मनदीप कौर ने सभी का धन्यवाद किया। इस अवसर पर पंजाबी विभाग से सतविंदर कौर, डॉ. संदीप कौर, सिमरनजीत कौर, अमनप्रीत कौर, मनदीप कौर उपस्थित रही।
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