जालंधर (अरोड़ा) :- उद्योग और अकादमिक जगत को और अधिक निकट लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी, जालंधर ने नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ पर्सनल मैनेजमेंट (एन.आई.पी.एम.) पंजाब चैप्टर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग के अंतर्गत विश्वविद्यालय में एन.आई.पी.एम. का छात्र चैप्टर स्थापित किया जाएगा, जो छात्रों को पेशेवर दुनिया से सीधे जोड़ने का कार्य करेगा। यह समझौता विशेष रूप से मानव संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में छात्रों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा और उन्हें उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें एन.आई.पी.एम. पंजाब चैप्टर के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें एस. पी. बंसल (रीजनल वाइस प्रेसिडेंट, नॉर्थ), जसबीर सिंह (वाइस चेयरमैन), जोरावर सिंह (ऑनरेरी ट्रेज़रर), रविंदर चड्ढा (ऑनरेरी सेक्रेटरी) तथा विकास पुरी (एग्जीक्यूटिव मेंबर) शामिल थे। इस संयुक्त पहल के माध्यम से एन.आई.पी.एम. छात्र चैप्टर द्वारा कार्यशालाएँ, सेमिनार, विशेषज्ञ व्याख्यान, उद्योग के साथ प्रत्यक्ष संवाद तथा प्रोफेशनल नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे छात्रों की व्यावहारिक समझ और कौशल में वृद्धि होगी। इस अवसर पर डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार ने कहा, “यह एम.ओ.यू. हमारे अनुभवात्मक शिक्षण और मजबूत औद्योगिक साझेदारियों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।




एन.आई.पी.एम. छात्र चैप्टर हमारे छात्रों को भविष्य की पेशेवर चुनौतियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।” डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार प्रो. (डॉ.) एस. के. अरोड़ा ने कहा, “इस प्रकार के औद्योगिक सहयोग छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। एन.आई.पी.एम. के साथ यह साझेदारी छात्रों में नेतृत्व क्षमता, पेशेवर मूल्यों और वास्तविक कॉर्पोरेट वातावरण की समझ विकसित करेगी।” सी.बी.एम.ई. एवं ह्यूमैनिटीज़ के डीन डॉ. गीतिका नागरथ ने कहा, “एन.आई.पी.एम. छात्र चैप्टर छात्रों के लिए उद्योग विशेषज्ञों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क स्थापित करने तथा सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का एक उत्कृष्ट मंच सिद्ध होगा।” एन.आई.पी.एम. पंजाब चैप्टर के प्रतिनिधियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग भविष्य के मानव संसाधन पेशेवरों को तैयार करने और छात्र मेंटरशिप के माध्यम से एच.आर. क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। यह समझौता डी.ए.वी. यूनिवर्सिटी के उस निरंतर प्रयास को दर्शाता है, जिसका उद्देश्य छात्रों को 21वीं सदी के कौशलों से लैस करना और उन्हें उद्योग के अनुरूप सशक्त बनाना है।
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