सीटी ग्रुप ने अपसाइक्लिंग पहल के साथ हरित नववर्ष का किया स्वागत

छात्रों ने रचनात्मक अपसाइक्लिंग से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया
सीटी ग्रुप के नेतृत्व ने ग्रीन न्यू ईयर पहल की सराहना की

जालंधर (अरोड़ा) :- नववर्ष की शुरुआत को सार्थक और जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए, सीटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के छात्रों ने अनुपयोगी परीक्षा उत्तर पुस्तिकाओं को अपसाइक्लिंग के माध्यम से पर्यावरण-अनुकूल नोटपैड में परिवर्तित कर एक स्थायी पहल की शुरुआत की।
बेकार पड़ी उत्तर पुस्तिकाओं को नष्ट होने से बचाते हुए, छात्रों ने उन्हें उपयोगी स्टेशनरी में बदलकर सतत विकास, नवाचार और पर्यावरणीय चेतना का सशक्त संदेश दिया। यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों—एसडीजी 4 (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा), एसडीजी 12 (जिम्मेदार उपभोग और उत्पादन) तथा एसडीजी 13 (जलवायु कार्रवाई)—से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई है। यह गतिविधि पर्यावरणीय जागरूकता, संसाधनों के कुशल उपयोग और अपशिष्ट में कमी को बढ़ावा देती है।
इस अपसाइक्लिंग अभियान ने न केवल कागज़ की संभावित बर्बादी को रोका, बल्कि यह भी रेखांकित किया कि स्थिरता कोई एक-दिवसीय प्रयास नहीं, बल्कि निरंतर अपनाई जाने वाली जीवनशैली है। नववर्ष की शुरुआत इस हरित पहल से करके, छात्रों ने यह स्पष्ट किया कि छोटे-छोटे सचेत कदम मिलकर दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभ ला सकते हैं।
अपसाइक्लिंग प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, लैंडफिल पर दबाव कम करने, ऊर्जा बचाने और प्रदूषण घटाने में सहायक होती है। इस पहल के माध्यम से छात्रों ने विशेष रूप से युवाओं को पर्यावरण-अनुकूल आदतें अपनाने और दैनिक जीवन में सतत विकल्पों को शामिल करने के लिए प्रेरित किया।
इस पहल की सराहना करते हुए सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. मनबीर सिंह ने कहा, “यह पहल सीटी ग्रुप के मूल मूल्यों-नवाचार, जिम्मेदारी और स्थिरता को साकार करती है। मुझे गर्व है कि हमारे छात्रों ने नववर्ष की शुरुआत इतने उद्देश्यपूर्ण कार्य से की। यह संदेश देता है कि शिक्षा- कक्षा और परीक्षाओं से आगे बढ़कर पर्यावरण-संवेदनशील और सामाजिक रूप से जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करती है।”
वहीं, सीटी ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. नितिन टंडन ने भी छात्रों की प्रशंसा करते हुए कहा, “हमारे छात्रों ने यह सिद्ध किया है कि सकारात्मक बदलाव की शुरुआत जागरूकता से होती है, जो आगे चलकर कर्म में बदलती है। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देती है, बल्कि सतत संसाधन प्रबंधन में रचनात्मक सोच को भी प्रोत्साहित करती है।”
नववर्ष की यह अपसाइक्लिंग पहल इस बात की याद दिलाती है कि पर्यावरण संरक्षण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। सीटी ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस निरंतर ऐसे छात्र-नेतृत्व वाली पहलों को प्रोत्साहित करता रहेगा, जो सतत विकास, नवाचार और सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ बनाते हुए हरित भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाती हैं।

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