जालंधर (अरोड़ा) :- चंडीगढ़ ललित कला अकादमी की जालंधर में पहली बार वार्षिक कला प्रदर्शनी का राजेश्वरी कला संगम एवं डॉ सत्यपॉल आर्ट गैलरी विरसा विहार के संयुक्त सौजन्य से भव्य आगाज़ किया गया। इस कला-प्रदर्शनी में मुख्य अतिथि के रूप में धनप्रीत कौर(IPS) कमीश्नर ऑफ़ पुलिस जालंधर उपस्थित हुई। एपीजे एजुकेशन की निदेशक एवं डॉ सत्यपॉल आर्ट गैलरी विरसा विहार की डायरेक्टर डॉ सुचरिता शर्मा ने गणमान्य अतिथिवृंद का अभिनंदन करते हुए कहा कि एपीजे एजुकेशन सर्वदा सृजनात्मक एवं अभिव्यक्ति के संगम को मंच प्रदान करने में अग्रणी रहा है और आज न केवल पंजाब,उत्तर प्रदेश बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी ललित कलाओं के क्षेत्र में एपीजे अपनी एक विशिष्ट पहचान बना चुका है। एपीजे एजुकेशन के संस्थापक अध्यक्ष डॉ सत्यपॉल जी ललित कलाओं के विकास को लेकर बहुत ही संवेदनशील थे और उनका प्रयास इन कलाओं को जन-जन तक पहुंचाना था।आज उनकी सुपुत्री श्रीमती सुषमा पाल बर्लिया जोकि एपीजे एजुकेशन एवं एपीजे सत्या एंड स्वर्ण ग्रुप की अध्यक्ष हैं तथा एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी के चांसलर पद को सुशोभित कर रही है वह भी अपने पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए हमेशा से ही भारत की ललित कलाओं के संरक्षण एवं संवर्द्धन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रही है और इस कला प्रदर्शनी का आयोजन भी उन्हीं की प्रेरणा,प्रोत्साहन एवं दूरदर्शिता का परिणाम है।






इस अवसर पर उन्होंने एपीजे कॉलेज ऑफ फाइन आर्ट्स जालंधर की प्राचार्य डॉ नीरजा ढींगरा,विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित पंजाब केसरी रमेश चंद्र मेमोरियल ट्रस्ट की डायरेक्टर सीमा चोपड़ा, चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष श्री भीम मल्होत्रा,उपाध्यक्ष रविंद्र शर्मा, सेक्रेटरी कंवल पाल सिंह, शिल्पी अरोड़ा ऑफिस एडमिनिस्ट्रेटर, प्रसिद्ध कलाकार रीना भटनागर, मूर्तिकार गुरमीत गोल्डी, विरसा विहार जालंधर के उपाध्यक्ष संगत राम, सेक्रेटरी गुरमीत सिंह का अभिनंदन करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम एक ही मंच पर ट्राइसिटी यानी चंडीगढ़,मोहाली एवं पंचकूला के वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों कला के विविध रूपों पेंटिंग्स, स्कल्पचर्स, डिजीटल आर्ट,ग्राफिक प्रिंट्स, फोटोग्राफी का आनंद लेने का परम सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ है, उन्होंने कहा कि इन कलाकृतियों के माध्यम से जहां एक तरफ प्रकृति की छटा अपने विविध रूपों में अभिव्यक्त होते हुए दिखाई दे रही है वहीं दूसरी तरफ समसामयिक मुद्दों को भी कलाकारों ने सजगता के साथ कलाकृतियों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया है। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी के अध्यक्ष भीम मल्होत्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि इस कला प्रदर्शनी में प्रदर्शित कलाकृतियां 500 से अधिक कलाकृतियों में से चयनित की गई है उन्होंने युवा कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि वह इस तरह श्रेष्ठ कला कार्य में अपना योगदान देते रहे।





धनप्रीत कौर ने इस कला प्रदर्शनी से अभिभूत होकर अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि अपने में गहन संदेश को समाहित किया इस तरह की कला प्रदर्शनियां होते रहनी चाहिए और हम चंडीगढ़ ललित कला अकादमी और एपीजे एजुकेशन की दिल से तारीफ करते हैं कि उन्होंने अपनी विरासत को सहजेने में जो पहल की है वह दूसरों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। एपीजे कॉलेज ऑफ़ फाइनेंस की नृत्य विभाग की छात्राएं हिमानी और गार्गी ने अर्ज सुनो बनवारी भजन पर नृत्य की प्रस्तुति से सब का मन मोह लिया।डॉ नीरजा ढींगरा ने सभी अतिथियों एवं कला प्रेमियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वास्तव में कलासागर के अमूल्य रत्नों को एक जगह देखने का सौभाग्य हमें प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि यह कला प्रदर्शनी विशेष रूप से जालंधर के कला प्रेमियों के लिए एक सुनहरी अवसर है जब वह कला के विभिन्न रूपों की प्रदर्शनी एक ही छत के नीचे देख सकेंगे।30 अगस्त 2025 से शुरू हुई यह कला प्रदर्शनी 6 सितंबर 2025 तक सुबह 11:00 से शाम 7:00 तक कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। डॉ सुचरिता शर्मा ने इस प्रदर्शनी का सफलतापूर्वक आयोजन करने के लिए प्रभारी अनिल गुप्ता एवं बासुसदेव बिश्वास के प्रयासों की भरपूर सराहना की।