इस प्रशिक्षण सत्र का उद्देश्य अधिकारियों की क्षमता निर्माण और कानूनी मामलों में सरकार के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तथा समय पर कार्रवाई के लिए उन्हें जागरूक बनाना है
दिल्ली/जालंधर (ब्यूरो) :- पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने विधिक कार्य विभाग के साथ मिलकर 02 अप्रैल, 2025 को सचिव (पेंशन) की अध्यक्षता में विधिक सूचना प्रबंधन एवं ब्रीफिंग प्रणाली (एलआईएमबीएस) पर एक व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया। इस प्रशिक्षण में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। सचिव (पेंशन) ने उच्च प्राथमिकता वाले न्यायालयी मामलों की पहचान करने तथा विभाग के सभी न्यायालयी मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए एलआईएमबीएस के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कानूनी मामलों को संभालने वाले अधिकारियों से पोर्टल पर मामलों के विवरण को नियमित रूप से अपडेट करने का आग्रह किया। यह प्रशिक्षण विधिक मामलों के विभाग की एलआईएमबीएस टीम के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया एलआईएमबीएस पर एक प्रस्तुति दी गई और एलआईएमबीएस टीम द्वारा विभिन्न कार्यों और उपयोगिताओं को समझाया गया। यह एक संवादात्मक सत्र था, जहां अधिकारियों के प्रश्नों का टीम द्वारा धैर्यपूर्वक समाधान किया गया और सहायता प्रदान की गई। सॉफ्टवेयर में और सुधार के लिए विभाग द्वारा टीम को सुझाव भी दिए गए। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरणों, उच्च न्यायालयों और सर्वोच्च न्यायालय में पेंशन से संबंधित बड़ी संख्या में अदालती मामलों को संभाल रहा है। समय पर जवाब दाखिल करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने, अधिवक्ताओं की नियुक्ति करने, हलफनामे तैयार करने/दायर करने के लिए एक प्रभावी निगरानी उपकरण आवश्यक है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने 15 जुलाई, 2024 के कार्यालय ज्ञापन के माध्यम से सभी मंत्रालयों/विभागों को पहले ही अवगत करा दिया है कि मौजूदा सरकारी नीति के खिलाफ निर्णयों के मामलों में अपीलीय अदालतों के समक्ष नीतियों/नियमों को बेहतर ढंग से प्रस्तुत करने के लिए प्रथम अपीलीय चरण में मामलों को पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग को भेजा जाए। 2 अप्रैल 2025 को आयोजित यह प्रशिक्षण सत्र पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अधिकारियों की क्षमता निर्माण और कानूनी मामलों में सरकार के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी और समय पर कार्रवाई के लिए उन्हें जागरूक बनाने की दिशा में एक कदम है।