जालंधर (अरोड़ा) :- डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को खंडित करने वालों को सख्त सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि यह न केवल उनकी विरासत का अपमान है, बल्कि समाज में शांति और सद्भाव को भी नुकसान पहुँचाता है। अपने विचार प्रकट करते हुए पंजाब के केबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि डॉ. अंबेडकर एक महान समाज सुधारक, संविधान निर्माता और दलितों के अधिकारों के लिए आवाज थे। उनकी प्रतिमा को खंडित कर समाज में नफरत और हिंसा को बढ़ावा देता है, और यह दर्शाता है कि कुछ विदेशी ताकतों के बहकावे में आकर ऐसी ओछी हरकतें करते हैं, उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा पंजाब को नशा मुक्त करने के अभियान को रोकने की कोशिश मात्र है। श्री भगत ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसे असमाजिक तत्वों के लोगों के कृत्यों से भली भांति परिचित हैं,जो ऐसा कर पंजाब के सोहार्द पूर्ण माहौल में जहर घोलने की कोशिश कर रहे हैं, जिनको पंजाब के लोग कभी उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमाओं को खंडित कर कुछ विदेशी ताकतें देख की एकता अखंडता पर कुठाराघात करना चाहती है। मोहिंदर भगत ने कहा कि प्रतिमा खंडित करने वालों को पकड़ कर सख्त सजा दिलाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसा कोई भी अपराध ना कर सके। उन्होंने कहा कि इसी के साथ पंजाब सरकार डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि उन्हें किसी भी नुकसान से बचाया जा सके तथा पंजाब के आपसी भाईचारे को कोई ठेस ना पहुंचे इससे बचाया जा सके।
