जालंधर (अरोड़ा) :- डी.ए.वी. कॉलेज जालंधर के स्नातकोत्तर रसायन विज्ञान द्वारा “विकसित भारत के लिए विज्ञान और नवाचार में वैश्विक नेतृत्व के लिए भारतीय युवाओं को सशक्त बनाना” विषय के साथ एनएसडी 2025 मनाया। पंजाब राज्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी परिषद् एवं राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद् द्वारा समर्थित इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक जिज्ञासा जगाना और नवाचार को बढ़ावा देना था।दिन की शुरुआत छात्र पंजीकरण और किट वितरण के साथ हुई। विभागाध्यक्ष प्रो. शीतल अग्रवाल के स्वागत भाषण से कार्यक्रम का आरंभ हुआ। प्रमुख गतिविधियों में मॉडल प्रदर्शन शामिल था, जहाँ छात्रों ने आधुनिक चुनौतियों के लिए अभिनव समाधान प्रदर्शित किए।समारोह में डॉ. भार्गव ने अंतःविषय सहयोग और मौलिक अनुसंधान के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने के महत्व पर चर्चा की।



प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने सफल आयोजन के लिए छात्रों और विभाग की सराहना की।डॉ. के.एस. बाथ और डॉ. मंदाकिनी ठाकुर को उनके वित्तीय सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। विजेताओं को पुरस्कृत किया गया एवं सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गये। मॉडल प्रदर्शन प्रथम स्थान जूही, तन्वी, मंजीत, द्वितीय स्थान प्रियांशु, बासु, प्रिया; तृतीय स्थान – नवलीन, अनमोल, डिम्पल; प्रोत्साहन पुरस्कार – गीतांश ने प्राप्त किया । क्विज़ मे प्रथम स्थान रेंसी, जसलीन कौर, तनिष्का,द्वितीय स्थान ऋषि पाल, मंदीप सिंह, पीयूष, तृतीय स्थान पुष्पदीप सिंह, इशान धुर, रिधम ने प्राप्त किया।विज्ञान बाउल में प्रथम स्थान रिधम; द्वितीय स्थान जसलीन; तृतीय स्थान – पीयूष , प्रोत्साहन पुरस्कार तनिषा ने प्राप्त किया।चेम्बोला में जसलीन कौर, किरणदीप कौर, जूही, तन्वी, नवलीन, ज्योति ने पुरस्कार प्राप्त किए।प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर प्रो. तनु महाजन ने सभी योगदानकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और इस दिन को संभव बनाने वाली सहयोगी भावना पर बल दिया। उन्होंने वित्तीय सहायता के लिए PSCST और NCSTC को विशेष धन्यवाद दिया। इस कार्यक्रम ने युवाओं को वैज्ञानिक नेतृत्व के लिए सशक्त बनाया और भारत की वैज्ञानिक क्षमता और प्रभाव को प्रदर्शित किया।