फूड सेफ्टी विभाग ने जालंधर में मछली बाजार की जांच की

जाँच का उद्देश्य मछली में फॉर्मेलिन के उपयोग को रोकना और डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना

जालंधर (अरोड़ा) :- खाद्य पदार्थों में मिलावट को रोकने के लिए उठाए जा रहे ठोस कदमों के तहत आज खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम ने जालंधर के बस्ती अड्डा मछली मार्किट में बड़े स्तर पर जांच की। चैकिंग का नेतृत्व कमिश्नर अभिनव त्रिखा के दिशा-निर्देशों पर सहायक कमिश्नर खाद्य सुरक्षा डा. हरजोत पाल सिंह ने किया। टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकुल गिल और सीनियर मत्स्य अधिकारी शुभवंत कौर भी शामिल थी।
सहायक कमिश्नर ने बताया कि जांच के दौरान आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आने वाली कच्ची मछली पर विशेष ध्यान देते हुए 7 दुकानों का निरीक्षण किया गया। पंजाब के खाद्य एवं ड्रग प्रशासन द्वारा उपलब्ध करवाए गए मौके पर ही परीक्षण किटों का उपयोग करते हुए, टीम ने फॉर्मेलिन की मौजूदगी के लिए मछलियों का मूल्यांकन किया। फॉर्मेलिन एक रसायन है जिसका उपयोग कभी-कभी शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए किया जाता है लेकिन यह मानव स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। उन्होंने कहा कि सरकार उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मछली उत्पादों में फॉर्मेलिन के उपयोग को रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि एक अन्य कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रभजोत कौर ने नकोदर और शाहकोट क्षेत्रों से पनीर के आठ नमूने तथा फैट का एक सैंपल लिया। इन सैंपल को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की पुष्टि के लिए विश्लेषण के लिए भेजा गया है। सहायक कमिश्नर ने बताया कि इस तरह के जांच अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य खाद्य पदार्थों में मिलावट को खत्म करना तथा लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य उत्पाद उपलब्ध करवाना है। उन्होंने प्रयासो में सहायता करने के लिए लोगों को खाद्य-संबंधी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्राधिकारियों को करने के लिए उत्साहित कियो।

About admin

Check Also

‘नितिन दे साथी’ ने अनूठे ‘ट्रैश-ए-थॉन’ के जरिए जालंधर में पेश की मिसाल, युवाओं से जिम्मेदारी उठाने की अपील

जालंधर में दशहरे के बाद पहली बार आयोजित इस पहल में युवाओं और स्थानीय निवासियों …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *