एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन के संबंध में दो दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम का आयोजन

स्थान-सल कलां, ब्लॉक-बंगा, जिला-शहीद भगत सिंह नगर (पंजाब)
आयोजनकर्ता: केन्द्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, जालंधर

जालंधर (ब्यूरो) :- केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, जालंधर द्वारा 10 और 11 फरवरी, 2025को किसानों के लिए दो दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम का आयोजन स्थान- सल कलां, ब्लॉक- बंगा, जिला- शहीद भगत सिंह नगर में किया गया। दो दिवसीय कार्यक्रम में किसानों को विभिन्न विशेषज्ञों के व्याख्यान और खेत भ्रमण के माध्यम से बीमारियों और कीटों के बारे में जानकारी दी गई।केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, जालंधर की और सेपौध संरक्षण अधिकारी श्री पवन कुमार ने कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए सभी आईपीएम उपकरणों को अपनाकर फसलों के कीटों के प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर दिया और कीटनाशकों के आवश्यकता आधारित और विवेकपूर्ण उपयोग करने की सलाह दी साथ ही किसानों को कीटनाशकों के अवशेषों के बारे में बताया तथा कीटनाशकों के सदुपयोग की सलाह दी। कार्यक्रमके दौरान केन्द्रीय टीम ने किसानों के साथ खेतों का दौरा भी किया इस दौरान केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, जालंधर की टीम ने कृषि पारिस्थितिक तंत्र विश्लेषण (AESA) के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और किसानों को मित्र तथा शत्रु कीटों की पहचान के बारे में बताया। कार्यक्रममें केंद्र के सहायक पौध संरक्षण अधिकारी चंद्रभान द्वारा किसानों को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी एनo पीo एसo एसo मोबाईल ऐप्लीकेशन के उपयोग के बारे में विस्तृत से बताया एवं इसकी उपयोगिता से किसानों को अवगत कराने के साथ ही लॉगिन आइडी एवं पासवर्ड दिए गए।
इसकेंद्र के सहायक पौध संरक्षण अधिकारी विशेषज्ञों डॉ अंकित कुमार, चेतन जनावदएवं चंद्रभान द्वारा किसानों को आईपीएम तकनीकों द्वारा कीट, बीमारी एवं खरपतवार प्रबंधन पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सीआईपीएमसी टीम के साथ-साथ कृषि विज्ञान केंद्रलँगरोया, नवांशहरके कृषि विशेषज्ञ डॉ.बलजीत सिंह, सहायक प्रोफेसर, तथा ब्लॉक बंगा से डॉ लक्ष्मण दास, कृषि अधिकारी एवं कृषि विस्तार अधिकारी विक्रम सिंह तथा सुनींदर पाल सिंह ने भी भाग लियाएवं किसानों को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया, उन्हें विभिन्न विषयों पर समय-समय पर होने वाले प्रशिक्षणों में भाग लेने और इन प्रशिक्षणों से कुछ सीखने कोकिसानों से कीटनाशक का जरूरत के मुताबिक विशेषज्ञों की राय लेने के बाद हीछिड़काव करने को कहा। दो दिवसीय मानव संसाधन विकास कार्यक्रम आयोजितकरने के बाद किसानों ने “केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, जालंधर” का आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में और भी ऐसे कार्यक्रम करने का आग्रह किया जो कृषि के लिए बहुत फायदेमंद हैं।

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