एच.एम.वी. के जुलॉजी विभाग ने करवायी एक दिवसीय वर्कशाप

    जालंधर (अरोड़ा) :- हंसराज महिला महाविद्यालय के जूलॉजी विभाग द्वारा प्लव विविधता को ध्यान में रखते हुए लिम्नोलॉजिकल जांच पर एक दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया गया। इस वर्कशाप का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पानी की गुणवत्ता की जांच का प्रैक्टिकल अनुभव देना तथा पानी में मौजूद विभिन्न ताजे पानी के प्लवकों की जांच करना था। बतौर रिसोर्स पर्सन पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ के जूलॉजी विभाग के प्रो. राजिंदर जिंदल उपस्थित थे। डीन अकादमिक व जुलॉजी विभागाध्यक्षा डॉ. सीमा मरवाहा ने ग्रीन प्लांटर भेंट कर उनका स्वागत किया। डॉ. सीमा मरवाहा ने छात्राओं को रिसोर्स पर्सन का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि वर्कशाप व सेमिनार के माध्यम से छात्राओं को उचित जानकारी दी जाती है तथा रेगुलर टीचिंग की एकरसता भी दूर हो जाती है। इसके अतिरिक्त छात्राओं को रिसर्च के लिए प्रेरणा मिलती है। डॉ. जिंदल एक लिम्नोलॉजिस्ट है तथा उनकी विशेषज्ञता पानी का प्रदूषण व बायोमानिटरिंग है। उन्होंने छात्राओं को पानी की गुणवत्ता के विभिन्न आयामों की जानकारी दी। उन्होंने पानी की गुणवत्ता मापने के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की। बायोलाजिकल ऑक्सीजन डिमांड, डिकााल्वड ऑक्सीजन, पीएच, पानी की हार्डनैस आदि शामिल थे। इसके अतिरिक्त डॉ. जिंदल ने पानी में मौजूद विभिन्न प्लवकों को एकत्र करने व उनकी पहचान करने पर बात की। उन्होंने माइक्रोस्कोपिक स्लाइड बनाने की भी जानकारी दी। इस वर्कशाप में बीएससी (मेडिकल) व बीएससी (बायोटेक्नालिजी) की छात्राओं ने भाग लिया। प्राचार्या प्रो. डॉ. अजय सरीन ने भी छात्राओं को विषय की गहन जानकारी हासिल करने के लिए वर्कशाप्स में भाग लेने के लिए प्रेरित किया। डॉ. साक्षी वर्मा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। सहायक प्रो. रवि कुमार व लैब सहायक सचिन कुमार भी उपस्थित थे।

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