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श्रम दिवस पर डिप्स के बच्चों ने सहायक स्टाफ को कार्ड देकर किया धन्यावाद

जालंधर (अरोड़ा) :- धैर्य, मेहनत, सहनशीलता की सबसे अच्छा उदाहरण है सहायक स्टाफ। यह पंक्तियां बोलते हुए डिप्स चेन के सभी स्कूलों में श्रम दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सहायक स्टाफ को सम्मानित किया गया। 1 मई को भारत समेत दुनिया के कई देशों में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस मनाया जा रहा है। दुनिया के कई देशों में 1 मई के दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। भारत में मजदूर दिवस को श्रमिक दिवस, लेबर डे, मई दिवस, कामगार दिन, इंटरनेशनल वर्कर डे, वर्कर डे के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन दुनिया के मजदूरों और श्रमिक वर्ग को समर्पित है। आज मजदूरों व श्रमिक वर्ग की उपलब्धियों को और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान को सलाम करने का दिन है। इस श्रम दिवस के कार्यक्रम में स्टाफ और बच्चों द्वारा सहायक स्टाफ के लिए विभिन्न तरह की गतिविधियों,नाटक और गेम्स का आयोजन किया गया। सभी ने मिलकर फन गेम्स, अंताक्षरी खेली। बच्चों द्वारा मजदूरों के महत्व को लेकर नुक्कड़ नाटक भी पेश किया गया। सम्मान के रूप में छात्रों द्वारा सहायक कर्मचारियों को आभार कार्ड व गिफ्ट्स भेंट किए गए। इन गतिविधियों में सभी विद्यार्थियों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया व स्कूल के सहायक कर्मचारियों, ड्राइवर व माली काका का धन्यवाद किया। टीचर्स ने बच्चों को इस दिन के महत्व के बारे में जानकारी दी। स्कूल में सफाई कर्मचारी, बस के ड्राइवर, कंडक्टर हर व्यक्ति की ड्यूटी अहम होती है। उन्होंने कहा कि मजदूरों और श्रमिकों को सम्मान देने के उद्देश्य से ही हर साल दुनियाभर में मजदूर दिवस मनाया जाता है। इस दिन की शुरूआत मजदूरों के अधिकारो के लिए आवाज उठा कर समाज में उनकी स्थिति को मजबूत करने के लिए किया गया था। इसके बाद कई देशों द्वारा काम करने की तय सीमा को लागू किया गया और बाल श्रम को रोकने के लिए सबको प्रेरित किया गया। विद्यार्थियो द्वारा बहुत ही सुंदर कार्ड बनाकर सारे स्टाफ को उनके कार्य के लिए धन्यावाद किया गया। डिप्स चेन के एमडी सरदार तरविंदर सिंह और सीइओ मोनिका मंडोत्रा ने कहा कि कार्यश्रेत्र में कभी भी किसी तरह का भेदभाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। हमें हर कार्य को करने वाले व्यक्ति का सम्मान करना चाहिए। इसके साथ ही अपने आस-पास बाल मजदूरी को रोकने में मदद करनी चाहिए। बच्चों की पहली पहल पढ़ाई होनी चाहिए ताकि वह अपने भविष्य को बेहतर बना सके।

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